इटावा-बरेली हाईवे बख्तियारपुर पर अवैध टोल प्लाजा का विरोध:टोल का मामला केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंचा, सपा सांसद जितेंद्र दोहरे ने बंद करने की मांग की
इटावा जिले में बरेली हाईवे पर शुरू किए गए टोल प्लाजा को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। आरोप है कि हाईवे के तय नियमों को नजरअंदाज कर टोल संचालन शुरू किया गया है। इस पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंच चुकी है। इटावा से सांसद जितेंद्र दोहरे ने टोल को अवैध बताते हुए इसे तत्काल बंद करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी खुद संसद में कह चुके हैं कि किसी भी हाईवे पर 60 किलोमीटर के दायरे में एक से ज्यादा टोल नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए मात्र 30 किलोमीटर के भीतर टोल प्लाजा बना दिया। इसी मार्ग पर मध्य प्रदेश के भिंड जिले के बरही गांव के पास भी टोल प्लाजा बनाया गया है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। मुआवजा नहीं, निर्माण अधूरा, फिर भी वसूली ग्रामीणों का आरोप है कि हाईवे निर्माण के लिए उनकी जमीन तो अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन अभी तक मुआवजे की रकम नहीं दी गई है। इतना ही नहीं, हाईवे का निर्माण भी पूरी तरह से पूरा नहीं हुआ है। टोल प्लाजा से इटावा तक करीब 15 किलोमीटर के दायरे में अभी भी काम चल रहा है, इसके बावजूद टोल वसूली शुरू कर दी गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर के पास टॉयलेट से भड़की नाराजगी स्थानीय लोगों में आक्रोश की एक बड़ी वजह टोल के पास स्थित पुराने मंदिर के पास टॉयलेट का निर्माण भी है। लोगों का कहना है कि इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। 4 फरवरी से टोल संचालन शुरू होने के बाद से ही इलाके में विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है और लोग बड़े आंदोलन की तैयारी में नजर आ रहे हैं। सांसद ने लिखा पत्र, कार्रवाई की मांग इटावा लोकसभा से समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र दोहरे ने इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। उन्होंने टोल को अवैध बताते हुए इसे तत्काल बंद कराने की मांग की है। सांसद को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी। केंद्रीय मंत्री का संसद में पुराना अभिभाषण वहीं नितिन गडकरी का एक पुराना बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कम दूरी पर टोल बनाए जाने को गलत बताया था। इस बयान को लेकर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। यह मामला उत्तर प्रदेश के होमगार्ड और इटावा के प्रभारी मंत्री धर्मवीर सिंह तक भी पहुंच चुका है। उन्होंने इस पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
Source link

