उदयपुर फाइल्स पर 43 दिन बाद चार्जशीट पेश:पुलिस को एआई वीडियो का नहीं मिला सबूत, आरोपी के मोबाइल से कनेक्ट रहता हिडन डिवाइस
उदयपुर के चर्चित भाजपा नेत्री के साथ ब्लैकमेलिंग मामले ‘उदयपुर फाइल्स’ में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर ली है। आरोपी वकील विशाल गुर्जर के खिलाफ पुलिस ने महज 43 दिन में ही अदालत में चार्जशीट पेश कर दी। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने काफी तेजी दिखाते हुए सारे सबूत जुटाए और उन्हें कोर्ट के सामने रख दिया है। इस पूरे मामले की जांच डिप्टी गिरवा गोपाल चंदेल ने की है। उन्होंने बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कोर्ट नंबर 4 के पीठासीन अधिकारी मनीष जोशी के सामने आरोप पत्र पेश किया। पुलिस ने इस चालान के साथ 12 गवाह, 28 दस्तावेज और 4 महत्वपूर्ण आर्टिकल भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किए हैं।
दरसअल, पीड़िता ने इसी साल 11 फरवरी को भूपालपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि आरोपी विशाल गुर्जर ने उसे अपने ऑफिस बुलाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया था। जब वह बेहोश हो गई, तो आरोपी ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा।
पुलिस ने आरोपी के घर से वह डिजिटल घड़ी भी बरामद कर ली है, जिसमें हिडन कैमरा लगा हुआ था। जांच में सामने आया कि यह कैमरा आरोपी के मोबाइल से कनेक्ट रहता था। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी का सैमसंग मोबाइल और मेमोरी कार्ड भी जब्त किया है, जिसमें पीड़िता के कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो फाइल बनाकर रखे गए थे। चार्जशीट में एक अहम बात यह सामने आई है कि इसमें एआई (AI) जनरेटेड वीडियो का कोई जिक्र नहीं है। शुरुआत में ऐसी चर्चा थी कि आरोपी ने एआई तकनीक से वीडियो बनाए हैं, लेकिन जांच में पुलिस को ऐसा कोई सबूत नहीं मिला। जांच अधिकारी का कहना है कि अगर ऐसा कुछ होता, तो साक्ष्यों को FSL जांच के लिए भेजा जाता। फिलहाल आरोपी विशाल गुर्जर जेल में है। वहीं, उसकी मां ने राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी के दौरान के साक्ष्यों पर सवाल उठाए गए हैं। हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई अब 1 अप्रैल को होनी तय हुई है।
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