एटा में 1.70 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़ेंगी:ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मिलेगा रोजगार, होंगी सशक्त
एटा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 1.70 लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने गरीब महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस लक्ष्य के तहत जनपद के आठों ब्लॉक क्षेत्रों के लिए भी संख्या निर्धारित की गई है। इनमें अलीगंज ब्लॉक में 27,900, आवागढ़ में 16,200, जैथरा में 20,100, जलेसर में 17,100, मारहरा में 15,600, निधौली कलां में 21,300, सकीट में 27,600 और शीतलपुर में 24,900 महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इन महिलाओं में गरीब, अति गरीब और राशन कार्ड धारक शामिल होंगी। ग्रामीण स्तर पर समूह सखी, आजीविका सखी, आई.सी.आर.पी., सीनियर आई.सी.आर.पी., बी.सी. सखी और ग्राम संगठन की सोशल एक्शन कमेटी इन महिलाओं को जोड़ने का कार्य करेंगी। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने और रोजगार के अवसर प्रदान करने पर जोर दे रही है। इस पहल का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। डीसी एनआरएलएम प्रतिमा निमेष ने बताया कि उन्हें यह लक्ष्य प्राप्त हो गया है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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