एमपी के स्टूडेंट का शव राजस्थान में मिला:नहर में मिला, लापता NEET छात्र लोकेश का शव; पुलिस बोली- बबूल के पेड़ में फंसी थी बॉडी

एमपी के स्टूडेंट का शव राजस्थान में मिला:नहर में मिला, लापता NEET छात्र लोकेश का शव; पुलिस बोली- बबूल के पेड़ में फंसी थी बॉडी




राजस्थान के कोटा में नीट की तैयारी कर रहे मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के भादाहेड़ी गांव निवासी 23 वर्षीय लोकेश दांगी का शव गुमशुदगी के छह दिन बाद बारां जिले में नहर से बरामद हुआ। शव कोटा से करीब 50 किलोमीटर दूर अंता क्षेत्र की दाईं मुख्य नहर में एक बबूल के पेड़ में फंसा मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। गांव में खबर पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। लकड़ी बीनने गए लोगों ने देखा नहर में फंसा शव
राजस्थान के बारां जिले के अंता थाना पुलिस के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे कुछ डेरे में रुके लोग एनडीपीसी फैक्ट्री के पास रेलवे पुलिया के समीप लकड़ियां लेने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर दाईं मुख्य नहर में एक बबूल के पेड़ में फंसे शव पर पड़ी। शव पानी में उलझा हुआ था। दृश्य देखकर वे घबरा गए और तुरंत अपने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया। पहचान के लिए शव को अंता अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। लाल टी-शर्ट और काले लोवर से हुई पहचान
उधर, कोटा में बेटे की तलाश में जुटे परिजनों को जब बारां जिले में नहर से एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली तो वे तुरंत अंता के लिए रवाना हुए। शाम करीब 4 बजे परिजन अंता पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल में शव दिखाया। शव पर लाल रंग की टी-शर्ट और काला लोवर था। कपड़ों और शारीरिक बनावट के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान लोकेश दांगी के रूप में की। शाम करीब 5 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव क्षत-विक्षत हो चुका था। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। 17 फरवरी को हॉस्टल से निकला, फिर नहीं लौटा
जानकारी के अनुसार लोकेश पिछले पांच वर्षों से कोटा में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 17 फरवरी की दोपहर वह अपने हॉस्टल से पैदल निकला था, जिसके बाद वापस नहीं लौटा। जब उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा तो परिजन चिंतित हो गए और कोटा पहुंच गए। उसी रात बोरखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज में लोकेश को हॉस्टल से बाहर निकलते हुए देखा गया, लेकिन इसके बाद उसकी कोई लोकेशन सामने नहीं आई। चंबल नहर किनारे मिले थे जूते और मोबाइल
18 फरवरी को कैथून थाना क्षेत्र से गुजरने वाली चंबल नहर के किनारे उसके जूते, चप्पल, टोपी और मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने 19 फरवरी से नहर में सर्च अभियान शुरू किया। कई किलोमीटर तक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार सोमवार को अंता क्षेत्र में शव मिलने की सूचना ने पूरे मामले का दुखद अंत कर दिया। लोकेश के घर भादाहेड़ी गांव में मातम पसरा है। परिवार ने उसे डॉक्टर बनते देखने का सपना संजोया था। छह दिनों तक परिजन उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन नहर से शव मिलने की खबर ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं। गांव में हर आंख नम है और परिवार गहरे सदमे में है।



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