कफ सिरप कांड में परिजन जांच से नाराज:बोले- पुलिस ने “लीपापोती” की, 17 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे
छिंदवाड़ा जिले के चर्चित कफ सिरप कांड में पुलिस जांच से असंतुष्ट मृतक बच्चों के परिजनों ने अब आंदोलन का रास्ता चुना है। परिजनों ने एसडीएम कार्यालय में अनुमति के लिए आवेदन दिया था। अनुमति प्रक्रिया के बाद उन्होंने घोषणा की है कि 17 फरवरी से थाना परासिया के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। परिजनों का आरोप है कि पूरे मामले में पुलिस ने “लीपापोती” की है। उनका कहना है कि पर्याप्त सबूत होने के बावजूद आरोपियों को न तो गिरफ्तार किया गया और न ही उनके नाम विधिवत कार्रवाई में शामिल किए गए। परिजनों के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में चालान पेश कर दिया, लेकिन जिन लोगों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं, उनके नाम तक उल्लेखित नहीं किए गए। आंदोलन की दी चेतावनी
परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि 16 फरवरी तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो 17 फरवरी से वे थाना परासिया के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठेंगे। इस आंदोलन में मृतक नवजातों के परिजन शामिल रहेंगे। मामले में परिजनों की सबसे बड़ी आपत्ति दो चिकित्सकों—डॉ. ठाकुर और डॉ. सिद्दीकी—को लेकर है। उनका आरोप है कि कई नवजात बच्चों को कोल्ड्रिफ कफ सिरप इन्हीं डॉक्टरों द्वारा लिखा गया था, लेकिन जांच अधिकारी ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया। इसी बात से परिजनों में गहरा आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि वे न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देंगे और जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई है। अब निगाहें 16 फरवरी पर टिकी हैं—क्या इससे पहले कोई कार्रवाई होती है, या 17 फरवरी से थाना परासिया के सामने धरना शुरू होगा।
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