कातिल बोला- तुम लोगों ने मेरा जीना हराम कर दिया:नाबालिग के सीने में उतारी 3 गोलियां, मां को शूट किया, क्या थी मर्डर मिस्ट्री

कातिल बोला- तुम लोगों ने मेरा जीना हराम कर दिया:नाबालिग के सीने में उतारी 3 गोलियां, मां को शूट किया, क्या थी मर्डर मिस्ट्री




मध्य प्रदेश क्राइम फाइल में आज बात सीहोर के उस गोलीकांड की जिसने इलाके में सनसनी फैला दी थी। ये घटना 14 जुलाई 2025 की है। जिले के भैरूंदा कस्बे की शांत नारायण सिटी कॉलोनी में एक अज्ञात हमलावर ने एक घर में घुसकर मां और बेटी पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस हमले में 17 वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां के सिर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अचानक हुई इस घटना ने पुलिस की भी नींद उड़ा दी थी, क्योंकि न कोई सुराग था न कोई सबूत। ये मामला प्रदेश भर में चर्चा विषय बन गया। क्या था पूरा मामला? उस रात घर में फायरिंग करने वाला इंसान कौन था उसने गोलियां क्यों चलाई? पढ़िए क्राइम फाइल्स का पार्ट-1 उस खौफनाक रात की पूरी कहानी
14 जुलाई की रात, जब घड़ी में लगभग 8:30 बज रहे थे, भैरूंदा में हल्की बारिश हो रही थी। नारायण सिटी में रहने वाले इंदर कीर के घर में सब कुछ सामान्य था। इंदर कीर किसी काम से बाजार गए हुए थे। घर पर उनकी पत्नी ललिता कीर (42 वर्ष) किचन में रात का खाना बना रही थीं। उनके दो बच्चे, बेटा उदय (19 वर्ष) और एक बेटी (15 वर्ष) अपने कमरे में पढ़ाई कर रहे थे, जबकि सबसे छोटी बेटी आरती कीर (17 वर्ष) हॉल में बैठकर टेलीविजन देख रही थी। बाहर हो रही बारिश के कारण माहौल में एक खामोशी थी। परिवार के सदस्यों के अनुसार, घर का मुख्य दरवाजा ठीक से बंद नहीं था। इसी का फायदा उठाकर एक शख्स हाथ में पिस्टल लिए दबे पांव घर में दाखिल हो गया। घर में किसी के आने की आहट सुनकर हॉल में बैठी आरती ने जैसे ही मुड़कर देखा, उसके होश उड़ गए। सामने एक नकाबपोश आदमी खड़ा था, जिसकी आंखों में खून सवार था और हाथ में एक पिस्टल थी।आरती कुछ समझ पाती या शोर मचाती, उससे पहले ही हमलावर ने उस पर पिस्टल तान दी। यह कहते हुए उसने एक के बाद एक तीन गोलियां आरती पर दाग दीं। पहली गोली आरती के सीने में बाईं ओर लगी, और वह चीखते हुए सोफे पर गिर पड़ी। दूसरी गोली उसके सीने में दाईं ओर लगी, जबकि तीसरी गोली चूक गई। गोलियों की आवाज और बेटी की चीख सुनकर किचन में काम कर रही मां ललिता कीर घबराकर बाहर भागीं। उन्होंने देखा कि उनकी बेटी खून से लथपथ पड़ी है और एक नकाबपोश उस पर गोलियां बरसा रहा है। एक मां अपनी बेटी को बचाने के लिए बिना सोचे-समझे हमलावर से भिड़ गई। ललिता ने हमलावर को पकड़ने और उससे पिस्टल छीनने की कोशिश की, लेकिन हैवानियत पर उतरे उस शख्स ने ललिता पर भी दो गोलियां चला दीं। भाई ने दिखाई हिम्मत, पर खाली हो चुकी थी पिस्टल
गोलियों की आवाज सुनकर कमरे में पढ़ रहे उदय और उसकी बहन भी दौड़कर बाहर आए। उन्होंने अपनी मां और बहन को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उदय ने हिम्मत दिखाते हुए हमलावर को पकड़ने के लिए छलांग लगाई, लेकिन हमलावर ने उस पर भी गोली चलाने की कोशिश की। गनीमत रही कि तब तक पिस्टल की मैगजीन खाली हो चुकी थी। सभी 6 राउंड फायर हो चुके थे। खुद को फंसा देख आरोपी तुरंत सीढ़ियों से छत की ओर भागा और अंधेरे का फायदा उठाकर पड़ोस की छत पर कूदकर फरार हो गया। अस्पताल में मचा कोहराम
आरोपी के भागने के बाद उदय ने तुरंत अपने पिता इंदर कीर को फोन पर कांपती हुई आवाज में सूचना दी, “पापा, जल्दी घर आओ! किसी ने मां और आरती को गोली मार दी है।” खबर सुनते ही इंदर कीर बदहवास हालत में घर की ओर भागे। तब तक चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग भी इकट्ठा हो चुके थे। पड़ोसियों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत भैरूंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।अस्पताल में उस वक्त डॉ. राहुल दांगी नाइट शिफ्ट पर थे। उन्होंने जैसे ही खून से लथपथ मां-बेटी को देखा, वह मामले की गंभीरता समझ गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया। उन्होंने फौरन इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने आरती को मृत घोषित कर दिया। वहीं, ललिता कीर की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तत्काल भोपाल रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके सिर से एक गोली निकाली। पुलिस की जांच और अनसुलझे सवाल
घर में घुसकर हुए इस जघन्य हत्याकांड ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। नसरुल्लागंज पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या (धारा 302) और हत्या के प्रयास (धारा 307) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी । चूंकि घर में कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था, इसलिए पुलिस के लिए आरोपी की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया था।। पुलिस टीम ने चश्मदीद बच्चों और पड़ोसियों से लगातार पूछताछ की। घटना की एक अहम चश्मदीद, पड़ोस में रहने वाली तारा त्रिपाठी ने पुलिस को बताया, उस रात मैंने इंदर के घर से चीखने और गाली-गलौज की आवाज सुनी। मैं उनके घर की तरफ भागी, तभी काले कपड़े पहने एक लड़का मुझे धक्का मारता हुआ तेजी से भागा। मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स पार्ट-2 पढ़िए… क्या ये मामला प्रेम प्रसंग का था? क्या आरती का किसी से कोई संबंध था या ये एकतरफा इश्क का मामला था? क्या कीर परिवार की किसी से पुरानी दुश्मनी थी? कोई व्यावसायिक विवाद था? ये भी पढ़ें… गर्लफ्रेंड का कॉल और युवक हुआ लापता, पार्ट-1 मध्यप्रदेश क्राइम फाइल्स में आज बात मंडला जिले के एक ऐसे हत्याकांड की, जिसने पुलिस को दो साल तक उलझाए रखा। जंगल में मिली एक युवक की अर्धनग्न लाश, एक उलझी हुई प्रेम कहानी और सबूतों का ऐसा अकाल कि पुलिस के हाथ दो महीने तक गांव में डेरा डालने के बाद भी खाली रहे। पढ़ें पूरी खबर… पुलिस के सामने युवक का प्राइवेट पार्ट काटना कबूला, पार्ट-2 मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में 20 सितंबर 2021 की रात राजेंद्र पंद्रे रहस्यमय हालात में लापता हो गया। जिस समय वह गायब हुआ तब वह एक लड़की से बात कर रहा था। पांच दिन बाद 25 सितंबर को जंगल में उसकी लाश मिली। पढ़ें पूरी खबर…



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