किसान दिवस पर दो नेताओं में तीखी बहस:बागपत विकास भवन में बैठक के दौरान हुआ हंगामा
बागपत के विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस की बैठक में किसानों ने विभिन्न समस्याओं को उठाया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के दो अलग अलग गुटों के नेताओं के बीच समस्या उठाने को लेकर तीखी बहस हो गई। यह बहस तब शुरू हुई जब भारतीय किसान यूनियन संघर्ष के पदाधिकारी अर्जुन सिंह अपनी बात रख रहे थे। इसी बीच भाकियू टिकैत के बिजेंद्र सिंह ने आपत्ति जताई। बिजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन मात्र दो हजार रुपये में पंजीकरण कराकर बन रहे हैं और उन्हें किसानों की वास्तविक समस्याओं की जानकारी नहीं है। अन्य किसानों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। किसानों ने बैठक में सड़कों की मरम्मत, बकाया गन्ना भुगतान, और यमुना नदी में बाढ़ से हुई फसल बर्बादी के मुआवजे जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए। उन्होंने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के खिलाफ भी आक्रोश व्यक्त किया और कार्रवाई की मांग की। जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने पुरानी समस्याओं के समाधान की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर कुछ किसानों ने आपत्ति जताई। भाकियू संघर्ष मोर्चा के जिलाध्यक्ष अर्जुन प्रधान ने अधिकारियों को अपनी शिकायतें सौंपी। उन्होंने यमुना नदी में बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे और कई गांवों में ठोकर बनवाने की मांग की। इसके अतिरिक्त, सड़क निर्माण से संबंधित समस्याएं भी उठाई गईं। अर्जुन प्रधान द्वारा काफी देर तक अकेले ही समस्याएं उठाने पर भाकियू टिकैत के बिजेंद्र सिंह ने आपत्ति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अन्य किसानों को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। बिजेंद्र सिंह ने कुछ किसान संगठनों पर ऐसी शिकायतें देने का आरोप लगाया जिनकी आवश्यकता नहीं है, और कहा कि भाकियू टिकैत के कार्यकर्ता पूरी तैयारी के साथ बैठक में आते हैं।
Source link

