गन्नौर में फर्जी रजिस्ट्री मामले में 5 पर FIR:नायब तहसीलदार की भूमिका की होगी जांच, दस्तावेजों में मिलीं खामियां

गन्नौर में फर्जी रजिस्ट्री मामले में 5 पर FIR:नायब तहसीलदार की भूमिका की होगी जांच, दस्तावेजों में मिलीं खामियां




सोनीपत जिले के गन्नौर में फर्जी रजिस्ट्री मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विक्रेता समेत 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में मामला दर्ज किया है। इस पूरे मामले में नायब तहसीलदार की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच करेगी। प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। पुलिस और प्रशासन, दोनों स्तरों पर अलग-अलग जांच शुरू कर दी गई है और पूरे रजिस्ट्री प्रक्रिया की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। 5 नामजद पर केस दर्ज, धोखाधड़ी और षड्यंत्र के आरोप फर्जी रजिस्ट्री मामले में गन्नौर थाना पुलिस ने विक्रेता समेत कुल 5 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने गांव नसीरपुर निवासी फर्जी विक्रेता प्रमोद कुमार, खरीदार पिल्लू खेड़ा निवासी बलबीर सिंह, प्रवीन कुमार, रविंद्र और डीड राइटर विनय को नामजद किया है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
दस्तावेजों में गंभीर खामियां
पुलिस के अनुसार आरोप है कि सभी नामजद आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से नियमों को दरकिनार करते हुए भूमि की फर्जी रजिस्ट्री करवाई। प्रारंभिक जांच में रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। दस्तावेजों की वैधता, प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर अनेक सवाल खड़े हुए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। थाना प्रभारी को सौंपी जांच, निष्पक्ष पड़ताल के निर्देश
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच गन्नौर थाना प्रभारी को सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, विस्तृत और गहन जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जांच के दौरान रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और दस्तावेजी साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। नायब तहसीलदार की भूमिका को लेकर जांच के आदेश
पुलिस जांच के दौरान नायब तहसीलदार अमित की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। पुलिस ने उनकी भूमिका से सीधे तौर पर इंकार नहीं किया है और उनकी अलग से जांच के आदेश जारी किए गए हैं। जांच अधिकारी रजिस्ट्री के समय उनकी मौजूदगी, दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर विस्तृत जांच करेंगे। इस जांच की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। प्रशासनिक जांच भी तेज, एडीसी की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
प्रशासन स्तर पर भी फर्जी रजिस्ट्री प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। मामले की प्रशासनिक जांच के लिए एडीसी की अध्यक्षता में समिति गठित की जानी है। समिति को 5 फरवरी तक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही हुई और किन नियमों की अनदेखी की गई।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!