गयाजी में 235 मामले आपसी समझौते से निपटाए:महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम में 270 शिकायतें, 35 केस को विभागों को भेजा

गयाजी में 235 मामले आपसी समझौते से निपटाए:महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम में 270 शिकायतें, 35 केस को विभागों को भेजा




गयाजी में राज्य की बेटियों और महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह का अत्याचार और शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह संकल्पित है। यह बातें बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य पिंकी कुशवाहा ने सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम का उद्देश्य पीड़ित महिलाओं तक पहुंचकर त्वरित न्याय दिलाना है। पिंकी कुशवाहा ने बताया कि गयाजी में आयोजित दो दिवसीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान कुल 270 मामले सामने आए। इनमें घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, जमीन से जुड़े मामले और अन्य शिकायतें शामिल थीं। सभी मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें 235 मामलों का निष्पादन आपसी समझौते के आधार पर किया गया। शेष 35 मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों को भेजा गया है।
थाना स्तर तक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है कहा कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय महिला आयोग के नेतृत्व में बिहार राज्य महिला आयोग की ओर से संचालित किया जा रहा है। आगामी 8 से 13 मार्च तक बिहार के सभी जिलों में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन, डीएम और एसएसपी के सहयोग से थाना स्तर तक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। महिला आयोग की सदस्या श्यामा सिंह ने कहा कि गया जिले में इस कार्यक्रम का परिणाम उत्साहजनक रहा। सुदूरवर्ती प्रखंड डुमरिया से भी महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचीं। यह इस बात का संकेत है कि महिलाओं का भरोसा अब आयोग पर बढ़ा है और वे खुलकर अपने अधिकारों के लिए सामने आ रही हैं।
रेप-हत्या मामले पर कहा, सख्त कार्रवाई होगी
प्रेस वार्ता में पटना नीट छात्रा रेप-हत्या मामले पर भी आयोग ने प्रतिक्रिया दी। कहा गया कि घटना के बाद एसआईटी का गठन किया गया है और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सदस्यों ने कहा कि अधिकतर मामले घरेलू हिंसा और जमीनी विवाद से जुड़े थे। पहले महिलाएं अत्याचार सहकर चुप रह जाती थीं, लेकिन अब वे जागरूक हुई हैं और अपने हक के लिए लड़ रही हैं। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाएं शिकायत दर्ज करा रही हैं और उन्हें त्वरित सहायता मिल रही है। इस मौके पर वन स्टॉप सेंटर की प्रमुख आरती सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।



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