गलत UPI ट्रांजेक्शन पर न घबराएं:इन 4 आसान उपायों से वापस मिल सकता है पैसा; साइबर फ्रॉड को लेकर एडवाइजरी जारी
डिजिटल इंडिया के दौर में UPI के जरिए भुगतान करना जितना आसान हुआ है, उतनी ही सावधानी बरतना भी जरूरी हो गया है। कई बार जल्दबाजी या गलत नंबर टाइप होने से हमारी मेहनत की कमाई किसी अनजान व्यक्ति के खाते में चली जाती है। ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत सही कदम उठाने से पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसी को लेकर राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। तुरंत सुरक्षित करें डिजिटल सबूत
जैसे ही पता चले कि पैसा गलत खाते में ट्रांसफर हो गया है, सबसे पहले ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट लें और UTR (Unique Transaction Reference) नंबर को नोट कर लें। यह 12 अंकों का नंबर ही ट्रांजेक्शन ट्रैक करने और राशि की रिकवरी में सबसे अहम होता है। UPI ऐप पर दर्ज करें डिस्प्यूट
जिस ऐप जैसे गुगल पे, फोन पे या पेटीएम से भुगतान किया है, उसकी ट्रांजेक्शन हिस्ट्री में जाकर “Report a Problem” या “Raise a Dispute” का विकल्प चुनें। इससे बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को तुरंत सूचना मिल जाती है और ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना आसान हो जाता है। बैंक को तुरंत दें सूचना
गलत ट्रांजेक्शन की जानकारी अपने बैंक की नजदीकी शाखा में जाकर या कस्टमर केयर पर कॉल करके दें। बैंक को लाभार्थी की UPI ID, ट्रांजेक्शन का समय और राशि का पूरा विवरण लिखित में देना चाहिए। आरबीआई के नियमों के अनुसार समय पर सूचना देने से रिफंड प्रक्रिया तेज हो सकती है। NPCI पोर्टल पर करें शिकायत
यदि ऐप या बैंक से समाधान नहीं मिलता है तो सीधे NPCI (National Payments Corporation of India) के पोर्टल या हेल्पलाइन 1800-120-1740 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। साइबर पुलिस की विशेष सलाह
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर क्राइम शाखा ने आमजन से सावधानी बरतने की अपील की है। भुगतान करने से पहले मोबाइल नंबर या QR कोड स्कैन करने के बाद दिखाई देने वाले नाम की दोबारा जांच जरूर करें। किसी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर तुरंत भुगतान न करें। साथ ही याद रखें कि पैसा प्राप्त करने के लिए कभी भी PIN डालने या QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती। मदद के लिए तुरंत करें संपर्क
यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी की आशंका हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
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