धुरंधर फिल्म में गाली-गलौज पर शाजापुर में शिकायत:शिकायतकर्ता बोले- आम आदमी को सजा, तो फिल्मकारों को छूट क्यों; निर्माता-निर्देशक और कलाकारों पर कार्रवाई करें
शाजापुर में फिल्म ‘धुरंधर’ में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहर निवासी मनोज पुरोहित ने कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला को एक शिकायती आवेदन देकर फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। “आम आदमी को सजा, तो फिल्मकारों को छूट क्यों?” शिकायतकर्ता मनोज पुरोहित का तर्क है कि फिल्म में ऐसी अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है जिसे सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई आम नागरिक सार्वजनिक स्थान पर गाली देता है, तो पुलिस उस पर तत्काल मामला दर्ज करती है, लेकिन फिल्मों में ऐसी भाषा को अनुमति कैसे मिल जाती है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के चित्रण से युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। बीएनएस की धारा 296 के तहत कार्रवाई की मांग पुरोहित ने फिल्म के निर्माता-निर्देशक आदित्य धर और संबंधित कलाकारों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा इस दिशा में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे न्याय के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेंगे। उनका कहना है कि फिल्मों के माध्यम से अपशब्दों को सामान्य बनाना समाज के लिए घातक है। पुलिस ने शुरू की आवेदन की जांच कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि उन्हें फिल्मों में अभद्र भाषा के उपयोग के संबंध में एक शिकायती आवेदन प्राप्त हुआ है। आवेदन की तथ्यों के आधार पर सूक्ष्म जांच की जा रही है, जिसके बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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