फरीदाबाद पुलिस की टीम पहुंची हिमाचल प्रदेश:सूरजकुंड मेला के झूला हादसे के आरोपियों का रिकार्ड खंगाल रही, स्टॉल दूसरी जगह शिफ्ट की
फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में हुए झूला हादसे की जांच अब दूसरे राज्य तक पहुंच गई है। सूनामी झूला टूटने के मामले की तह तक जाने के लिए फरीदाबाद पुलिस की एक विशेष टीम हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले स्थित नहान पहुंची है। पुलिस वहां गिरफ्तार झूला संचालक मोहम्मद शाकिर के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन से झूला संचालन को लेकर मिली अनुमति की फाइलों की जांच कर रही है। इधर, सूरजकुंड मेले के अम्यूजमेंट पार्क में लगे सभी झूले मंगलवार को भी लगातार चौथे दिन बंद रहे। झूलों के बंद रहने से मेले में पहुंचे पर्यटकों, खासकर बच्चों में भारी मायूसी देखने को मिली। झूला टूटने से 12 लोग हुए थे घायल गौरतलब है कि शनिवार शाम अम्यूजमेंट पार्क में लगा सूनामी झूला अचानक टूट गया था, जिसमें करीब 12 लोग घायल हो गए थे। वहीं, घायलों को बचाने के प्रयास में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करते हुए झूला संचालक मोहम्मद शाकिर और उसके सहयोगी नितेश को गिरफ्तार किया था। दोनों से फिलहाल पुलिस रिमांड पर पूछताछ जारी है। आरोपी शाकिर के गांव पहुंची पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद पुलिस की टीम मंगलवार को नहान के साथ-साथ आरोपी शाकिर के गांव भी पहुंची है, जहां उसके पुराने आपराधिक इतिहास और झूला संचालन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। पैनल बॉक्स को अपने कब्जे में लिया इस बीच, पुलिस ने सोमवार शाम झूले के पैनल बॉक्स को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही झूला टूटने के दौरान निकलने वाले नट-बोल्ट भी जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। बताया जा रहा है कि इनकी जांच मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों की टीम द्वारा की जाएगी। वहीं, टूटे हुए झूले को सूरजकुंड थाना परिसर में रखा गया है। डीसीपी क्राइम मुकेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। फॉरेंसिक टीम और इंजीनियर तकनीकी कारणों की जांच कर रहे हैं, जबकि आरोपी से पूछताछ के साथ उसके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है। अम्यूजमेंट पार्क के स्टॉल किए गए शिफ्ट, संचालकों को राहत झूला हादसे के बाद बंद पड़े अम्यूजमेंट पार्क में मंगलवार को राहत भरी खबर आई। पार्क में लगे करीब 70 स्टॉलों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। इससे स्टॉल संचालकों ने राहत की सांस ली है। हादसे के बाद से पुलिस जांच का हवाला देकर पूरे अम्यूजमेंट पार्क को बंद कर दिया गया था। स्टॉल संचालकों का कहना है कि तीन दिनों में उन्हें प्रति स्टॉल करीब एक लाख रुपये तक का नुकसान हुआ था। अब दूसरी जगह स्टॉल मिलने से उन्हें नुकसान की भरपाई की उम्मीद है।
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