फाजिल्का में अवैध माइनिंग पर सरकार को घेरा:पूर्व मंत्री का आरोप: सतलुज से सिल्ट की निकालने की आड़ में 85 पॉइंट, आवाज उठाने पर झूठा केस

फाजिल्का में अवैध माइनिंग पर सरकार को घेरा:पूर्व मंत्री का आरोप: सतलुज से सिल्ट की निकालने की आड़ में 85 पॉइंट, आवाज उठाने पर झूठा केस




फाजिल्का से पूर्व विधायक एवं पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तथा भाजपा नेता सुरजीत कुमार जियानी ने राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर कानून व्यवस्था, अवैध खनन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जियानी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्कर, गैंगस्टर और खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। अवैध माइनिंग के लगाए आरोप जियानी ने दावा किया कि फाजिल्का के सरहदी क्षेत्र में सतलुज करीक से सिल्ट निकालने के नाम पर अवैध खनन किया जा रहा है। उनके अनुसार, इस संबंध में आवाज उठाने पर भाजपा मंडल अध्यक्ष के खिलाफ कथित रूप से झूठा मामला दर्ज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब AAP सरकार सत्ता में आई थी, तब रेत खनन से पंजाब को 20 हजार करोड़ रुपये की आमदनी का दावा किया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति इन दावों के विपरीत नजर आ रही है। जियानी ने आरोप लगाया कि फाजिल्का के सीमावर्ती क्षेत्र में 85 ऐसे पॉइंट बनाए गए हैं, जहां से 7 रुपये प्रति फुट सरकार को शुल्क और 18 रुपये प्रति फुट के हिसाब से रेत बेचने की बात कही जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि सिल्ट निकासी की आड़ में अवैध खनन का कारोबार संचालित हो रहा है। कोर्ट और NGT का जिक्र उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर पंचायत द्वारा अदालत में शिकायत की गई है, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। साथ ही, National Green Tribunal ने भी मामले में पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने संबंधी निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठाए सवाल पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने फाजिल्का जिला अस्पताल की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है और डिलीवरी जैसे मामलों को भी रेफर किया जा रहा है। शौचालयों और सफाई व्यवस्था की हालत खराब बताई गई। जियानी ने आरोप लगाया कि आम जनता को सुविधाएं देने के बजाय सरकार के प्रतिनिधि अन्य गतिविधियों में व्यस्त हैं। हालांकि, इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



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