बम बरस रहे…ईरान पर अमेरिकी हमले की आंखों देखी:बिहारी बोले-धमाकों से नींद उड़ी, दुबई में रह रहे सुजीत ने कहा-ऑनलाइन नहीं दिखूं, तो समझना गड़बड़ है

बम बरस रहे…ईरान पर अमेरिकी हमले की आंखों देखी:बिहारी बोले-धमाकों से नींद उड़ी, दुबई में रह रहे सुजीत ने कहा-ऑनलाइन नहीं दिखूं, तो समझना गड़बड़ है




मुजफ्फरपुर के दर्जनों लोग युद्ध के बीच ईरान में फंस गए हैं। हमले के कारण ईरान से आने वाली फ्लाइट रद्द होने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। वहां के हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। लगातार अटैक होने से लोग परेशान हैं।
कथैया निवासी आनंद कुमार भी ईरान में फंसे हैं। मनामा इलाके में पाइपलाइन कंपनी में काम करते हैं। व्हाट्सएप कॉलिंग पर भास्कर रिपोर्टर से वहां के भयावह हालात का आंखों देखा हाल बताया। आनंद का दावा है कि मुजफ्फरपुर और आसपास के करीब 250 से 300 लोग ईरान में फंसे हैं। डर से नींद नहीं आ रही आनंद ने बताया कि रात के समय आसमान अचानक लाल हो गया था। ऐसा लगा कि आसमान से आग के गोले बरस रहे हैं। इसके बाद एक के बाद एक कई तेज धमाके हुए, जिससे धरती हिल गई। यह मंजर बेहद डरावना था। वहां काम कर रहे मजदूरों और कर्मचारियों में खौफ का माहौल है। सभी सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। मेरे साथ यहां बिहार के कई लोग काम करते हैं। व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए हैं परिवार से संपर्क किया। पापा राजमंगल साहनी और परिवार के अन्य सदस्य उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे। परिवार के सदस्य लगातार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। जोखिम में सैकड़ों लोगों की जान आनंद के मुताबिक, अकेले मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के इलाकों के लगभग 250 से 300 लोग ईरान में मजदूरी और तकनीकी काम कर रहे हैं। इन सभी की सुरक्षा को लेकर अब उनके परिवार वाले भारत सरकार से गुहार लगा रहे हैं। आनंद कहते हैं कि धमाके मेरी आंखों के सामने हुए। मानसिक तनाव और डर इतना बढ़ गया है कि रात को नींद तक नहीं आती। पिता को भगवान पर भरोसा आनंद के पिता राजमंगल साहनी ने बताया कि व्हाट्सएप पर बेटे से बातचीत हुई है। बेटा बता रहा था कि जहां वह रह रहा है, वहां फिलहाल स्थिति अन्य शहरों की तुलना में थोड़ी बेहतर है, लेकिन धमाके वहां भी महसूस किए गए हैं। हम लोग बस इसी उम्मीद में हैं कि ऊपर वाला सब ठीक कर देगा। लड़ाई मानवता के खिलाफ है बक्सर जिले के चौसा निवासी सुजीत कुशवाहा इस समय दुबई में हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट ने परिवार और मित्रों की बेचैनी बढ़ा दी है। सुजीत ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मैं ऑनलाइन नहीं दिखाई दूंगा तो समझना मामला ज्यादा खराब हो गया है, लड़ाई मानवता के खिलाफ है।’ लगातार हो रहे धमाकों से नींद उड़ गई परिजनों से फोन पर बात नहीं हो सकी है, लेकिन व्हाट्सएप चैट पर मैसेज किया। सुजीत ने बताया कि दुबई में एक कंपनी में काम करता हूं। फिलहाल सुरक्षित हूं, लेकिन माहौल तनावपूर्ण है। पता नहीं कब क्या हो जाए। रात में एक तरफ लगातार धमाके हो रहे थे और दूसरी तरफ मोबाइल पर अलर्ट रहने के सायरन बज रहे थे। सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह सुजीत ने आगे कहा कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षित कमरों में वापस भेज दिया गया है, और अगले दो दिन (रविवार और सोमवार) तक वर्क परमिट भी जारी नहीं होगा। रात में हुए एक तेज धमाके की आवाज से लोग सहम गए थे, जिससे दहशत का माहौल बन गया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है। अभी तक भारत लौटने के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। भारतीय दूतावास की ओर से आपातकालीन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकें। उसने अपने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वह सुरक्षित स्थान पर रह रहा है। अनहोनी की आशंका से दहशत में परिवार फिलहाल, ईरान के अलग-अलग शहरों में फंसे मुजफ्फरपुर और बक्सर के इन युवाओं के परिवार टकटकी लगाए खबरों पर नजर रखे हुए हैं। युद्ध के इस माहौल में उनकी एक ही मांग है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए कदम उठाए। खौफ के इस मंजर ने हजारों किलोमीटर दूर बिहार के गांवों में भी बेचैनी भर दी है।



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