बरमान कला में उत्पाती सांड की संदिग्ध हालात में मौत:पानी की टंकी में मिला शव, रेबीद के इंजेक्शन लगाने पहुंची टीम
नरसिंहपुर जिले के बरमान कला गांव में एक आवारा उत्पाती सांड की संदिग्ध हालत में मौत का मामला सामने आया है। सांड बीते कई दिनों से लोगों और अन्य मवेशियों पर हमला कर रहा था, जिससे कई पशु घायल हो गए। मंगलवार को सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग की नौ सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. सुनील ब्रजपुरिया के निर्देश पर पशुचिकित्सा विस्तार अधिकारी डॉ. श्रेया दुबे के नेतृत्व में टीम गांव पहुंची। टीम ने पूरे मामले का जायजा लिया और सांड द्वारा घायल किए गए लगभग 19 गोवंश का मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया। पानी की टंकी में पड़ी मिला शव ग्रामीणों के सहयोग से सांड की तलाश की गई। तलाश के दौरान सांड गांव की पानी की टंकी के हौद में गिरा हुआ मिला। ग्रामीणों की मदद से उसे बाहर निकाला गया, लेकिन पशु चिकित्सकों द्वारा निरीक्षण करने पर सांड की मौत पानी में डूबने से होना बताई गई। हालांकि, घटना की परिस्थितियों को देखते हुए सांड की मौत को संदिग्ध भी माना जा रहा है। पशुपालन विभाग ने सांड के शव के निपटान के लिए ग्राम पंचायत को निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, आसपास के क्षेत्र में निःशुल्क रेबीज टीकाकरण अभियान चलाया गया और ग्रामीणों को बीमारी के लक्षणों व बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। रेबीज की जानकारी पशु चिकित्सकों ने बताया कि रेबीज एक खतरनाक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर के काटने या उसकी लार के संपर्क से फैलती है। इसके लक्षणों में अचानक आक्रामक व्यवहार, बिना कारण हमला करना, बेचैनी, मुंह से झाग निकलना, निगलने में परेशानी, चलने में लड़खड़ाहट, कमजोरी और शरीर के कुछ हिस्सों जैसे पैर या जबड़े का काम न करना शामिल हैं। इस कार्रवाई के दौरान पशु चिकित्सक डॉ. श्रेया दुबे, डॉ. सिमरन दुबे, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी दीपक कौरव, शुभांशु राजपूत, अंकिता मंडाले, गौसेवक राजकुमार, दीपक धानक सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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