बसंत पंचमी पर विदिशा में विद्याब्राह्मी कल्प स्वर्ण प्राशन महाअभियान:एक लाख से ज्यादा लोगों ने किया सेवन, बच्चों से बड़ों तक मिला लाभ
बसंत पंचमी के अवसर पर विदिशा में विद्याब्राह्मी कल्प स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम का दूसरा चरण आयोजित किया गया। इस दौरान शहरभर में एक लाख से अधिक लोगों को विद्याब्राह्मी कल्प का सेवन कराया गया। यह आयोजन संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ। निर्यापक श्रमण मुनि श्री संभवसागर महाराज ने कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व है। उन्होंने आयुर्वेद के अनुसार ब्राह्मी के सेवन को स्मरण शक्ति, बुद्धि और एकाग्रता बढ़ाने वाला बताया। मुनि श्री ने कहा कि विद्याब्राह्मी कल्प बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए उपयोगी है। विधायक ने भी विद्याब्राह्मी कल्प सेवन किया
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक मुकेश टंडन ने मुनि संघ को नमोस्तु अर्पित किया। उन्होंने कहा कि आचार्य विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद से बनी सरकारें स्वदेशी, व्यसनमुक्त समाज, कुटीर उद्योग और गोशाला जैसे उनके प्रकल्पों को आगे बढ़ा रही हैं। विधायक टंडन ने स्वयं विद्याब्राह्मी कल्प का सेवन किया और आमजन को भी इसके लिए प्रेरित किया। अभिनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि विदिशा नगर के सभी 140 शासकीय एवं निजी स्कूलों, आंगनवाड़ियों और शहर के 10 प्रमुख चौराहों पर टेंट लगाकर विद्याब्राह्मी कल्प का वितरण किया गया। इस महाअभियान का लक्ष्य एक लाख से अधिक लोगों तक औषधि पहुंचाना था, जिसे महिला मंडलों, मुनि सेवक संघ, समग्र पाठशाला समिति, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधकों, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से पूरा किया गया। 1 लाख लोगों ने औषधि सेवन किया
वरिष्ठ समाजसेवी संजय सेठ ने बताया कि इस अभियान में जैन समाज के करीब 570 स्वयंसेवकों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। स्कूलों, आंगनवाड़ियों और चौराहों पर सुव्यवस्थित ढंग से औषधि का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि जनसहयोग और समन्वय से यह लक्ष्य पार करते हुए 1 लाख 5 हजार लोगों ने औषधि का सेवन कर बसंत पंचमी का पर्व मनाया। इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष शैलेन्द्र चौधरी, महामंत्री प्रदीप जैन एलआईसी, अनिरुद्ध सराफ, डॉ. स्वातक जैन, डॉ. स्वप्निल जैन सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने विभिन्न केंद्रों पर सेवाएं दीं।
बताया गया कि बसंत पंचमी के दिन ब्राह्मी का सेवन विशेष रूप से बुद्धि विकास, स्मरण शक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है।
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