बालोतरा के तिलवाड़ा में राजस्थान दिवस पर सांस्कृतिक संध्या:कलाकारों ने कच्ची घोड़ी नृत्य, घूमर नृत्य और गोरबंद जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां दी
राजस्थान दिवस के अवसर पर गुरुवार शाम को तिलवाड़ा में जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलाकारों ने लोक संस्कृति, परंपराओं और रंग-बिरंगी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी सचिव हरजीलाल अटल ने मल्लीनाथ महाराज की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित किया। मेला प्रभारी डॉ. रामेश्वरी चौधरी के निर्देशन में राजस्थान दिवस की आकर्षक रंगोली सजाई गई और 1101 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। कलाकारों ने रानी भटियाणी भजन, घूमर नृत्य समेत अन्य प्रस्तुतियां दी स्थानीय कलाकारों ने राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति को जीवंत करते हुए कई प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद रानी भटियाणी भजन, कानूडो भजन, घूमर नृत्य और गोरबंद जैसी लोकप्रिय प्रस्तुतियां दी गईं। इसके अलावा, “दमा दम मस्त कलंदर” और “बिणजारी ए हंस हंस” जैसे गीतों पर भी कलाकारों ने शानदार प्रदर्शन किया। कच्ची घोड़ी नृत्य और अन्य पारंपरिक लोकनृत्यों ने भी खूब तालियां बटोरीं। कठपुतली शो और मैजिक शो कार्यक्रम के विशेष आकर्षण रहे, जिन्हें देखने के लिए बच्चों से लेकर बड़ों तक में उत्साह देखा गया। प्रशासनिक अधिकारी मौक पर रहे मौजूद इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी हीराराम कलबी, उपखंड अधिकारी अशोक कुमार, सर्वेश्वर निंबार्क, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वाकाराम चौधरी, जिला रसद अधिकारी हजारीलाल आलोरिया, कोषाधिकारी करनाराम सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजस्थान की लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना था। पूरे आयोजन के दौरान तिलवाड़ा में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और लोगों ने राजस्थान दिवस को पूरे उत्साह के साथ मनाया।
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