बिलासपुर में फूड-पॉइजनिंग से 40 बीमार:शादी-समारोह का बासी खाना खाने से बिगड़ी तबीयत, महिला-पुरुष और बच्चे अस्पताल में भर्ती; स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शादी समारोह के बाद बासी खाना खाने से करीब 40 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। खाना खाने के कुछ समय बाद ही एक बाद एक उन्हें उल्टी की शिकायत होने लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बीमार लोगों को तुरंत मस्तूरी के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है। बीमार लोगों में महिलाएं, पुरुष और काफी संख्या में बच्चे शामिल हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी बीमार लोगों की देखभाल और निगरानी कर रही है। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम भी गठित की गई है। यह मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम मुकुंदपुर का है। फूड पॉइजनिंग में 37 लोग अस्पताल में भर्ती जानकारी के अनुसार, ग्राम मुकुंदपुर के एक परिवार में 7 मार्च को एक शादी समारोह का कार्यक्रम हुआ था। इसमें गांव के लोगों के साथ-साथ बाहर से आए रिश्तेदार भी शामिल हुए थे। शादी के बाद बचा हुआ खाना दाल, चावल और गोभी की सब्जी अगले दिन लोगों को परोसा गया। खाना खाने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी और दस्त होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी बीमार लोगों को तुरंत मस्तूरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती किया गया है। फूड पॉइजनिंग की खबर मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्राम मुकुंदपुर पहुंची। बचा हुआ खाना खाने से बिगड़ी तबीयत पूछताछ में पता चला कि शादी में बचा हुआ खाना अगले दिन लोगों को परोसा गया, जिसके बाद लोगों की तबीयत बिगड़ गई। लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर करीब 40 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं। इनमें से कुछ मरीजों को मस्तूरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया है, जबकि 15 बीमारों को पामगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। फिलहाल सभी मरीजों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। मस्तूरी के बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) डॉ. अनिल कुमार कंवर ने बताया कि शादी समारोह में सामूहिक भोज के बाद कई लोगों की तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद उन्हें तुरंत मस्तूरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। उन्होंने कहा, फूड पायजनिंग के शिकार लोगों की निगरानी की जा रही है। उनका बेहतर इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांव में लगाया शिविर फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ. शुभ्रा गढ़ेवाल ने बीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद वे खुद अस्पताल पहुंचीं और बीमार लोगों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य शिविर का भी निरीक्षण किया। साथ ही भोज में शामिल लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने, घर-घर सर्वे करने और जरूरत के अनुसार दवाइयां बांटने के निर्देश दिए।
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