मंडला में 700 डॉग्स के अंग मिले:खराब न हो, इसलिए केमिकल डालकर डिब्बों में रहे थे, नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका

मंडला में 700 डॉग्स के अंग मिले:खराब न हो, इसलिए केमिकल डालकर डिब्बों में रहे थे, नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका




मंडला जिले में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर घोटाले की आशंका जताई जा रही है। बिंझिया की शारदा कॉलोनी में एक किराए के मकान से भारी मात्रा में कुत्तों के अंग मिलने से हड़कंप मच गया है। पशु प्रेमी निशा ठाकुर की शिकायत पर जब पुलिस और प्रशासन की टीम वहां पहुंची, तो नजारा देखकर दंग रह गई। जांच टीम को मौके से करीब 500 नर और 200 मादा कुत्तों के अंग मिले हैं। इन अंगों को खराब होने से बचाने के लिए ‘फॉर्मलीन’ (एक तरह का केमिकल) डालकर डिब्बों में रखा गया था। यह मकान जबलपुर की ‘मां नर्मदा इंटरप्राइजेज’ नाम की संस्था ने किराए पर लिया था, जिसे नगर पालिका ने कुत्तों की नसबंदी का ठेका दिया था। बिना काम किए पैसे ऐंठने की साजिश? शिकायत करने वाली निशा ठाकुर का आरोप है कि संस्था ने असल में कोई काम नहीं किया, बल्कि कहीं बाहर से ये अंग लाकर यहां जमा किए थे। शक जताया जा रहा है कि इन अंगों को सरकारी रिकॉर्ड में दिखाकर बिना नसबंदी किए ही लाखों रुपए का भुगतान लेने की तैयारी थी। नगर पालिका ने रद्द किया ठेका नगर पालिका अधिकारी गजानन नाफड़े ने बताया कि संस्था को पिछले साल दिसंबर में काम सौंपा गया था, लेकिन कई बार कहने के बाद भी उन्होंने काम शुरू नहीं किया। इसी लापरवाही की वजह से 2 अप्रैल को उनका ठेका पहले ही रद्द किया जा चुका है और उनकी जमा राशि (EMD) भी जब्त की जा रही है। पुलिस जांच में खुलेगा राज पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नसबंदी के बाद अंगों का निपटारा करने का एक खास तरीका होता है, लेकिन इस तरह उन्हें छिपाकर रखना गंभीर मामला है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है कि आखिर इतने सारे अंग कहां से आए और इस खेल में कौन-कौन शामिल है। जागरूक लोगों की वजह से यह संदिग्ध मामला समय रहते सामने आ गया।



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