मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़:कांग्रेस का आरोप- पहचान मिटा रहे
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण में लोकमाता अहिल्याबाई की प्रतिमाओं को हटाने पर तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी निंदा की। इधर, इंदौर में लोकमाता से जुड़े समाज व संगठनों की बैठक में समाजजन ने कहा, लोकमाता की विरासत से जुड़ी आस्था आहत हुई है। समाजजन वाराणसी जाएंगे और 19 जनवरी को कलेक्टोरेट में पीएम व सीएम के नाम ज्ञापन भी देंगे। सरकार हस्तक्षेप करे बुलडोजर से धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को ध्वस्त करना दुर्भाग्यपूर्ण है। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक पहचान मिटाने की साजिशें बंद होनी चाहिए।
– प्रियंका गांधी वाड्रा, सांसद
केंद्र सरकार सौंदर्यीकरण के नाम पर विरासत पर बुलडोजर चला रही है। पीएम वहां की ऐतिहासिक विरासत को नष्ट करके अपनी नेम प्लेट लगवाना चाहते हैं।
– मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष इंदौर ने तो भर-भर कर वोट दिए थे। पुण्यश्लोका देवी अहिल्या बाई होलकर का घाट ही तोड़ दिया।
-स्वानंद किरकिरे, गीतकार व रंगकर्मी
यह चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हस्तक्षेप करना चाहिए।
सुप्रिया सुले, एनसीपी (शरद पवार गुट) मूर्तियां विस्थापित की जा सकती थीं : समाजजन
गुरुवार को धनगर, पाल, गडरिया व बघेल समाज के संगठनों ने बैठक में घटना पर आक्रोश जताया। समाजजन का कहना था कि मूर्तियों को सुरक्षित विस्थापित किया जा सकता था। सभी ने तय किया कि विरोध के लिए 19 जनवरी को राजबाड़ा से कलेक्टोरेट तक ज्ञापन देने जाएंगे। बैठक में हरीश बारगल, सुनील मतकर, सुधीर देड़गे, सरयू वाघमारे, संजय खड़ व अन्य समाजजन मौजूद थे।
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