महेंद्रगढ़ में आंधी-बारिश से गेहूं की फसल बिछी:जिले के कई गांवों व शहर में हुई बारिश से फसलों को नुकसान
महेंद्रगढ़ जिले में पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम, तेज हवाओं और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण किसानों की गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में तेज आंधी के चलते गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार शाम को जिला महेंद्रगढ़ के अनेक गांवों के अलावा शहर महेंद्रगढ़ व नारनौल में बारिश हुई। जिसके कारण किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि फसल गिरने से उत्पादन कम होने की आशंका है और कटाई में भी सामान्य से अधिक खर्च आएगा। झुककर जमीन पर आई फसल किसान दयानंद जैलाफ के अनुसार तेज हवाओं के कारण गेहूं की बालियां झुककर जमीन से लग गई हैं, जिससे कटाई करना मुश्किल हो जाएगा। कई स्थानों पर सरसों की फली झड़ने की भी शिकायत सामने आई है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम लगातार बदल रहा है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है, जिससे फसलों पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। 25 हजार हेक्टेयर में गेहूं जिला में करीब 25 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल है। वहीं एक लाख दस हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन पर सरसों की फसल भी है। सरसों की अधिकांश फसल कट गई है, जबकि गेहूं की कटाई की जा रही है। किसानों को मिले मुआवजा इसी मुद्दे को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की जिला कमेटी ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों को प्रति एकड़ 30 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग की। संगठन के जिला सचिव डॉ. व्रतपाल सिंह व छाजूराम रावत ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की मौजूदगी में तुरंत स्पेशल गिरदावरी कराई जाए और नुकसान का सही आकलन किया जाए। जिला में छोटे किसान कामरेड अभय सिंह चंदपुरा ने कहा कि जिले के अधिकांश किसान छोटी जोत के हैं और कर्ज लेकर खेती करते हैं, इसलिए फसल नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ता है। उन्होंने मांग की कि किसानों को हुए नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए और सरकार किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान करे।
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