राजनांदगांव के किसान ने सहेजीं पुरानी दुर्लभ वस्तुएं:घर बना अनोखा संग्रहालय, पुराने ग्रामोफोन और रिकॉर्ड्स के साथ म्यूजिक का खास कलेक्शन

राजनांदगांव के किसान ने सहेजीं पुरानी दुर्लभ वस्तुएं:घर बना अनोखा संग्रहालय, पुराने ग्रामोफोन और रिकॉर्ड्स के साथ म्यूजिक का खास कलेक्शन




राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम टप्पा निवासी किशोर कुमार जैन को पुरानी और दुर्लभ वस्तुओं को संभालकर रखने का खास शौक है। आज के समय में जहां लोग पुरानी चीजों को बेकार समझते हैं, वहीं किशोर जैन का घर एक छोटे संग्रहालय जैसा लगता है। उनके इस अनूठे संग्रह को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। उनके कलेक्शन में संगीत से जुड़ी बहुत सी पुरानी और खास चीजें हैं। इसमें पुराने ग्रामोफोन रिकॉर्ड, रिकॉर्ड प्लेयर और एचएमवी कंपनी के ग्रामोफोन शामिल हैं। उनके पास नूरजहां, सुरैया, मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर और किशोर कुमार जैसे महान गायकों के रिकॉर्ड और कैसेट्स का बड़ा संग्रह भी है। ऐतिहासिक उपकरण और दुर्लभ वस्तुओं का कलेक्शन संगीत के अलावा, किशोर जैन के पास कई पुराने और ऐतिहासिक उपकरण भी हैं। इसमें इंग्लैंड का पुराना टेलीफोन, 1920 की दूरबीन और कुछ दुर्लभ घड़ियां शामिल हैं। उन्हें पुरानी मोटरसाइकिलों का भी शौक है, खासकर ‘बॉबी’ फिल्म में इस्तेमाल हुई बॉबी राजदूत मोटरसाइकिल के वे बड़े प्रशंसक हैं। इसके साथ ही उनके पास पुराने सिक्के और डाक टिकटों का भी बड़ा संग्रह है। पुराने सामान को सही हालत में रखते हैं किशोर जैन इन सभी पुरानी वस्तुओं को केवल इकट्ठा ही नहीं करते, बल्कि उन्हें चालू हालत में भी रखते हैं। यदि कोई ग्रामोफोन या अन्य मशीन खराब हो जाती है, तो वे उसके पुर्जे कोलकाता या दिल्ली जैसे बड़े शहरों से मंगवाकर उसकी मरम्मत करवाते हैं। यह उनके संरक्षण के प्रति समर्पण को दर्शाता है। शौक को पूरा करने में पत्नी का मिला सहयोग इस अनोखे शौक में उन्हें अपनी पत्नी समता जैन का पूरा सहयोग मिलता है। किशोर बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही अपने पिता सुगनमल जैन के साथ खेती के कार्यों में हाथ बंटाते हुए पुरानी चीजों और मशीनों के नट-बोल्ट जोड़ने का शौक लगा था। राजनीति शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट (एमए) होने के बावजूद, किशोर जैन ने खेती को अपना पेशा चुना है। वे आधुनिक पद्धति से खेती करते हुए भी अपने इस अनूठे शौक को सफलतापूर्वक जारी रखे हुए हैं। उनका मानना है कि ये दुर्लभ चीजें हमारी संस्कृति और इतिहास का हिस्सा हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए बचाकर रखना आवश्यक है।



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