राजस्थान में सभी मंदिरों को पट्टे देगी सरकार:दिलावर बोले- हमें देने वाला भगवान बिना पट्टे बैठा है: गांवों में बिना लाइसेंस अब मीट दुकानों पर प्रतिबंध

राजस्थान में सभी मंदिरों को पट्टे देगी सरकार:दिलावर बोले- हमें देने वाला भगवान बिना पट्टे बैठा है: गांवों में बिना लाइसेंस अब मीट दुकानों पर प्रतिबंध




राजस्थान में आबादी की जमीन पर बने सभी मंदिरों को राज्य सरकार पट्टे देगी। इसके अलावा गांवों में मीट की दुकानों पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की गई है। अब बिना लाइसेंस गांवों में मीट की दुकानें नहीं चल सकेंगी। विधानसभा में पंचायतीराज की अनुदान मांगों पर गुरुवार को बहस का जवाब देते हुए पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने मंदिरों को पट्टे देने की घोषणा की। दिलावर ने कहा- हम सबको देने वाला भगवान बिना पट्टे के बैठा है। भगवान हम सबको देता है तो हमारा कर्तव्य बनता है कि हम पट्टा दें। मंत्री बोले- हम अभियान चलाकर पट्टे देंगे
दिलावर ने कहा- हम कोशिश करेंगे कि अभियान चलाकर आबादी में बसे मंदिरों को पट्टा दें। मंदिर मूर्ति उस जगह की मालिक हो जाए। उसके बिना कई दिक्कतें आती है। मंदिर मूर्ति के नाम होगा तो मंदिर के नाम की डोली की जमीन अवाप्त होने पर मुआवजा मिल सकता है। गांवों में शहरों की तर्ज पर बिना लाइसेंस मीट नहीं बेच सकेंगे
दिलावर ने शहरों की तर्ज पर गांवों में मीट की दुकानों पर शहरों वाले नियम लागू करने की घोषणा की है। दिलावर ने कहा- गांवों में भी अब शहरों की तरह ही मीट की दुकानों पर नियम लागू होंगे। मांस की दुकान लगाने के लिए नियम बने हुए हैं। नियम यह है कि कमर्शियल दुकान होगी, उसमें ही वह अपनी मीट बेच सकता है, उसको लाइसेंस लेना पड़ेगा। फूड लाइसेंस लेना पड़ेगा। अब जानवर काटने के लिए वेटरनरी डॉक्टर का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेना पड़ेगा। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के साथ उसका फोटो भी होगा ताकि एक जानवर का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र लेकर 10 जानवर नहीं काट सके। मीट की दुकान चलाने अब पंचायत की एनओसी लेनी पड़ेगी
दिलावर ने कहा- मीट की दुकान चलाने अब पंचायत की एनओसी लेनी पड़ेगी। आगे जाकर हम हमारे नियम बना लेंगे। आज के बाद में सभी अधिकारियों को निर्देश देता हूं कि कहीं भी राजस्थान में ग्रामीण क्षेत्र में मांस की दुकान नियमों के खिलाफ नहीं लगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!