रेवाड़ी में गुलेल गैंग ने 9 वारदात कबूली:खरीददारों पर पुलिस की नजर, अबतक 5 सदस्य गिरफ्तार, मां-बेटा और बेटी इनामी

रेवाड़ी में गुलेल गैंग ने 9 वारदात कबूली:खरीददारों पर पुलिस की नजर, अबतक 5 सदस्य गिरफ्तार, मां-बेटा और बेटी इनामी




रेवाड़ी पुलिस ने अंतरराज्यीय गुलेल चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया था। चोरी की 24 वारदातों में पहले गिरफ्तार हो चुके गिरोह की हरियाणा और राजस्थान पुलिस को 11 मामलों में तलाश थी। पुलिस पूछताछ में गिरोह ने चोरी की 9 वारदात कबूल की हैं। पुलिस को अब गिरोह से चोरी का सामान खरीदने वाले खरीददारों की तलाश है। जिनमें से कुछ की पहचान हो चुकी है। जिनकी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। आरोपी काली की बहन भी चोरी के मामलों में राजस्थान पुलिस की वांटेड है। इन जगह दिया वारदातों को अंजाम गुलेल चोर गिरोह हरियाणा और राजस्थान में अब तक करीब तीन दर्जन से अधिक चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। गिरोह के सदस्य घरों और दुकानों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्यों के खिलाफ हरियाणा के हिसार, भिवानी, दादरी, झज्जर, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ तथा राजस्थान के हनुमानगढ़, अलवर और खैरथल जिलों में केस दर्ज हैं। तीनों मां-बेटा और बेटी राजस्थान पुलिस के इनामी हैं। पुलिस को रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और राजस्थान के 11 मामलों में आरोपियों की तलाश थी। महेंद्रगढ़ के पड़तल का गिरोह
गिरोह की सरगना काली उर्फ संतरा बताई जा रही है। जिसने अपने बेटे और बेटी को भी शामिल किया हुआ है। काली और उसका बेटा दीपक 10-10 और बेटी पिंकी 5 हजार की इनामी है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों में काली का पड़ोसी अरूण और भिवानी के आलमपुर निवासी नरेंद्र उर्फ डिल्लू उर्फ जोगी शामिल है। कोसली सीआईए द्वारा की गई गिरफ्तारी से पहले गिरोह के सदस्य 24 मामलों में गिरफ्तार हो चुके थे। रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम
कोसली सीआईए प्रभारी योगेश ने बताया कि गिरोह चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले रेकी करता था। दिन में रेकी करने के बाद रात को चोरी करते थे। आरोपियों के निशाने पर घर और मंदिर रहते थे। गैंग चोरी की वारदात में सदस्यों का बदल बदलकर प्रयोग करता था। जिससे आसानी से पकड़ में न आ सके। गिरोह में अभी 7 से 10 सदस्यों के नाम आए है पुलिस पूछताछ में गिरोह के सदस्यों की संख्या बढ़ सकती है। पिता की मौत के बाद मायके आई
काली के निमराना के पिपली गांव में शादीशुदा थी। पिता की मौत के बाद काली पति को छोड़ अपनी पीहर पड़थल में आकर बस गई। जहां वह अजीत के साथ लिव इन में बच्चों सहित रह रही है। काली पड़तल गांव से ही परिवार और सदस्यों के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए गुलेल गिरोह चला रही है।



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