लखनऊ में डिक्की-सिडबी कार्यशाला आयोजित:अध्यक्ष ने कहा- दलित उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में नए प्रयोग भी होंगे
दलित उद्यमियों के आर्थिक विकास और आत्मनिर्भरता को गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश डिक्की चैप्टर और सिडबी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को लखनऊ के होटल सेलेशियल मैनर में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और व्यवसायिक संभावनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई, जिससे उद्यमियों में नई ऊर्जा और आशा का संचार हुआ।
डिक्की मंच से जुड़ने का आह्वान
कार्यशाला की अगुवाई कर रहे उत्तर प्रदेश डिक्की चैप्टर के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने कहा कि दलित उद्यमियों के आर्थिक विकास और समृद्धि के लिए व्यवसाय सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने व्यवसाय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उद्यमियों से डिक्की के मंच से जुड़ने की अपील की। मनीष वर्मा ने कहा कि एकजुट होकर डिक्की के माध्यम से प्रदेश के सभी सरकारी विभागों की योजनाओं का लाभ कहीं अधिक सरलता से लिया जा सकता है।
सिडबी, वॉलमार्ट वृद्धि और एमएसएमई की योजनाओं की जानकारी
कार्यशाला में सहयोगी संस्थाओं सिडबी, वॉलमार्ट वृद्धि और एमएसएमई से जुड़े प्रतिनिधियों ने दलित उद्यमियों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और वित्तीय सहायता के अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। उद्यमियों को बताया गया कि किस तरह ऋण, प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच के जरिए अपने व्यवसाय को मजबूती दी जा सकती है।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर सिडबी, वॉलमार्ट, एमएसएमई वेस्ट मैनेजमेंट के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सचिवालय संघ के पदाधिकारी, सामाजिक आंदोलन से जुड़े उत्प्रेरक, डिक्की के पदाधिकारी, उद्यमी और संगठन के सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी की सहभागिता ने कार्यशाला को प्रभावशाली और उद्देश्यपूर्ण बनाया।
डिक्की उत्तर प्रदेश चैप्टर के साथ आगे बढ़ते दलित उद्यमी
कार्यशाला के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि दलित उद्यमी अब डिक्की उत्तर प्रदेश चैप्टर के साथ संगठित रूप से आगे बढ़ रहे हैं। साझा मंच और सहयोग के जरिए उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है, जिससे आने वाले समय में ठोस व्यावसायिक परिणाम देखने को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों से मिल रही निरंतरता
कार्यक्रम में डिक्की चैप्टर के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुरूप दलित उद्यमियों के लिए इस तरह की कार्यशालाओं की निरंतरता बनी हुई है। इसका सकारात्मक असर जल्द ही नए और सफल व्यवसायों के रूप में दिखाई देगा, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा।
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