लुधियाना नगर निगम हाउस की बैठक आज:एजेंडे में 8 प्रस्ताव, PPP मॉडल पर वेस्ट मैनेजमेंट के प्रस्ताव पर हंगामे के आसार
लुधियाना नगर निगम हाउस की बैठक गुरुनानक देव भवन में आज होने जा रही है। बैठक शाम को तीन बजे शुरू होगी। मेयर इंद्रजीत कौर ने हाउस की बैठक का जो एजेंडा जारी किया है। इसमें आठ प्रस्तावों को शामिल किया गया। एजेंडे में पहले दो प्रस्ताव पिछली हाउस की मीटिंग और पांच व छह फरवरी को हुई एफएंडसीसी की बैठकों में पास किए गए प्रस्तावों को रखा गया है। इसके अलावा छह नए प्रस्तावों को शामिल किया गया है। जनरल हाउस बैठक में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (ठोस कचरा प्रबंधन) प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा होने की संभावना है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर लागू किए जाने वाले इस प्रस्ताव का सफाई कर्मचारी संगठनों और विपक्षी दलों ने खुलकर विरोध किया है। हाउस की बैठक के एजेंडे में शामिल प्रस्ताव प्रस्ताव 1व 2: एजेंडे के प्रस्ताव एक व दो में पिछली नगर निगम हाउस और पांच व छह फरवरी को हुई एफएंडसीसी की बैठकों में पास किए गए प्रस्तावों को शामिल किया गया है। प्रस्ताव 3: नगर निगम में एक क्लर्क की बदली (ट्रांसफर) से जुड़े मामले को हाउस के समक्ष रखा गया है। प्रस्ताव 4: नगर निगम में आठ नए फायरमैनों की नियुक्ति का प्रस्ताव। प्रस्ताव 5: नगर निगम के क्लर्क की बदली करने के संबंध में प्रस्ताव। प्रस्ताव 6: नगर निगम की विभिन्न शाखाओं में सुपरवाइजर के पद बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। बढ़ते कार्यभार और शहर के विस्तार को देखते हुए यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है। प्रस्ताव 7: शहर में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लागू करने का बड़ा प्रस्ताव एजेंडा में है। इसके तहत कचरे की डोर-टू-डोर कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन, प्रोसेसिंग और प्रोसेसिंग पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर करने की योजना है, ताकि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा हो सके। प्रस्ताव 8: आईटी क्लर्क के ट्रांसफर से संबंधित प्रस्ताव। विधायकों ने हस्तक्षेप किया तो करेंगे विरोध ऑल पार्टी मीटिंग में भाजपा, शिअद व कांग्रेस के पार्षद दल के नेताओं ने मेयर व कमिश्नर को साफ कह दिया कि हाउस की मीटिंग चलाने का काम उनका है। विधायक भी बैठक में पार्षद की तरह सदस्य हैं। पार्षदों के सवालों का जवाब मेयर व कमिश्नर को देना है। अगर विधायकों ने हस्तक्षेप किया तो वो विरोध करेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट क्या है और इस पर क्यों हो रहा विरोध जानिए: 1100–1200 करोड़ रुपए होंगे खर्च: नगर निगम ने शहर में डोर-टू-डोर कलेक्शन, कचरे की प्रोसेसिंग, सेग्रीगेशन, ट्रांसपोर्टेशन और प्रोसेसिंग के लिए नई योजना तैयार की है। इस पर करीब 140 से 150 करोड़ रुपये सालाना खर्च आने का अनुमान है। इसे शुरुआती तौर पर 8 वर्षों के लिए लागू किया जाता है, तो कुल लागत लगभग 1100 से 1200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
NGT नियमों के तहत तैयार हुई योजना: नगर निगम क्षेत्र में करीब 95 वार्ड और लगभग 20 लाख की आबादी है, जहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों और 2016 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत कचरे की साइंटिफिक प्रोसेसिंग जरूरत को देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। अभी शहर में है यह व्यवस्था: शहर में फिलहाल वेस्टमैनेजमेंट के लिए अलग-अलग कंपनियां काम कर रही हैं। डोर-टू-डोर कलेक्शन अनऑर्गेनाइज्ड है। ट्रांसपोर्टेशन का काम प्यारा सिंह एंड संस और कचरे के प्रोसेसिंग के लिए ग्रीनटेक कंपनी के साथ समझौता किया गया है। सफाई कर्मचारी संगठनों का विरोध: सफाई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि PPP मॉडल लागू होने से कर्मचारियों के रोजगार पर खतरा पैदा हो सकता है और निजी कंपनियों को फायदा मिलेगा। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रस्ताव पास हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ऑल पार्टी मीटिंग में विपक्ष ने उठाए सवाल: विपक्षी दलों ने हाल ही में हुई ऑल पार्टी मीटिंग में भी इस प्रस्ताव का विरोध किया। निगम हाउस में विपक्ष के नेता व पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा का कहना है कि प्रोजेक्ट में 700 टन कूड़े की मैनेजमेंट का प्रावधान है जबकि शहर में रोजाना 1200 टन कूड़ा निकलता है। बाकी का पांच सौ टन कूड़ा कहां जाएगा। वहीं दूसरी तरफ शहर में सफाई सेवक व उनसे जुड़े लोग डाेर टू डोर कलेक्शन कर रहे हैं। यह काम कंपनी को देने पर उनके रोजगार को खतरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का डटकर विरोध करेंगे। एफएंडसीसी में हो चुका है प्रस्ताव पास: एफएंडसीसी की मीटिंग में इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। मीटिंग के दौरान 95 वार्डों में सफाई सेवकों को 800 रेहड़े देने का वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया है, प्रति रेहड़ा करीब 17 हजार रुपए में खरीदा जा रहा है। पिछली निगम हाउस बैठक के दौरान भी हुआ था हंगामा: डोर टू डोर कलेक्शन का काम कंपनी को सौंपे जाने के विरोध में पिछली हाउस मीटिंग के दौरान भी हंगामा हुआ था। सफाई कर्मचारी संगठनों ने मेयर, कमिश्नर, पार्षदों व विधायकों को अंबेदकर भवन में ही बंद कर दिया था। उसके बाद जब विधायकों व मेयर की नेताओं के साथ बैठक हुई तो उन्हें बताया गया कि निगम ऐसा कोई काम नहीं करने वाला है।
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