वर्ल्ड अपडेट्स:एक्टर मैथ्यू पैरी की मौत के मामले में भारतीय मूल की महिला को 15 साल की सजा, ड्रग्स बेचा था
हॉलीवुड के मशहूर टीवी शो ‘फ्रेंड्स’ के अभिनेता मैथ्यू पैरी की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में अदालत ने भारतीय मूल की महिला जसवीन संघा को 15 साल की जेल की सजा सुनाई है। जसवीन को ‘केटामाइन क्वीन’ के नाम से भी जाना जाता है। जसवीन संघा ने पिछले साल सितंबर में पांच आरोपों को स्वीकार किया था। इनमें केटामाइन बेचने का आरोप भी शामिल था, जिसे मैथ्यू पैरी की मौत की बड़ी वजह माना गया। केटामाइन एक बेहोश करने वाली दवा है, जिसका इस्तेमाल केवल डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाता है। मैथ्यू पैरी अक्टूबर 2023 में अपने घर के हॉट टब में मृत पाए गए थे। जांच में सामने आया कि उनकी मौत केटामाइन के ज्यादा असर (ओवरडोज) की वजह से हुई थी। सरकारी वकील के अनुसार, नॉर्थ हॉलीवुड में स्थित जसवीन का घर ड्रग्स सप्लाई का केंद्र बना हुआ था, जहां अमीर ग्राहकों को अलग-अलग तरह के नशीले पदार्थ बेचे जाते थे। जांच के दौरान जसवीन के घर से भारी मात्रा में केटामाइन, मेथामफेटामिन, कोकीन और अन्य ड्रग्स बरामद किए गए थे। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी ने लंबे समय तक अपने किए पर कोई पछतावा नहीं दिखाया, इसलिए उसे सख्त सजा देना जरूरी था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… भारत दौरे पर पहुंचे बांग्लादेश के विदेश मंत्री, शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की मांग की बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। उन्होंने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को प्रत्यर्पित करने की मांग दोहराई। दोनों को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई है। शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। उन्हें देश में बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता से हटना पड़ा था। रहमान ने भारत से डीजल और खाद की आपूर्ति बढ़ाने की मांग की। भारत ने 31 मार्च बांग्लादेश को 7000 टन डीजल की आपूर्ति की थी, जिसके लिए बांग्लादेश ने धन्यवाद भी दिया। बांग्लादेश इस समय ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर है। ईरान से जुड़े युद्ध के कारण उसकी सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत के दो मंत्री विदेश रवाना, होर्मुज संकट के बीच तेल-गैस सप्लाई सुरक्षित करने की कोशिश पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा संकट के बीच भारत के दो बड़े मंत्री अहम विदेश दौरों पर जा रहे हैं। इन दौरों का मकसद तेल-गैस सप्लाई, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करना है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी 9-10 अप्रैल 2026 को कतर की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर 11-12 अप्रैल को यूएई का दौरा करेंगे। ये दोनों दौरे ऐसे समय हो रहे हैं जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ा है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट के चलते तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। कतर ने हालात सुधरने के बाद प्राकृतिक गैस उत्पादन दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। रास लाफान स्थित दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट में काम फिर से शुरू करने के लिए इंजीनियरों और कर्मचारियों को जुटाया जा रहा है। इससे पहले ईरान के हमलों के कारण इस प्लांट का संचालन प्रभावित हुआ था, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा। वहीं यूएई के दौरे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करेंगे। दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सप्लाई बाधित होने के खतरे के बीच भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए सक्रिय कूटनीति अपना रहा है। यही वजह है कि दोनों मंत्री अलग-अलग देशों में जाकर ऊर्जा से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
Source link

