विदिशा में हनुमान जन्मोत्सव पर 'अंजनी लोक' के दर्शन:रंगई मंदिर में बैंकॉक के पेरिस्कोप से हुआ सूर्य तिलक; 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे

विदिशा में हनुमान जन्मोत्सव पर 'अंजनी लोक' के दर्शन:रंगई मंदिर में बैंकॉक के पेरिस्कोप से हुआ सूर्य तिलक; 2 लाख श्रद्धालु पहुंचे




विदिशा जिले में हनुमान जन्मोत्सव का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही ‘जय श्रीराम’ और ‘बजरंगबली’ के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। मंदिरों में विशेष अभिषेक, आकर्षक श्रृंगार और महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शहर के रंगई स्थित दादाजी मनोकामनापूर्ण सिद्ध हनुमान मंदिर में इस वर्ष भव्य और अनूठी सजावट की गई थी। मंदिर को ‘अंजनी लोक’ का स्वरूप दिया गया, जिसमें भगवान हनुमान की बाल लीलाओं, पराक्रम और प्रभु श्रीराम के प्रति भक्ति के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में दर्शाया गया। मंदिर परिसर को रामायण के 32 प्रसंगों और धनुषाकार लैंपों से सजाया गया था। इस बार अयोध्या की तर्ज पर एक विशेष आयोजन के लिए बैंकॉक से एक पेरिस्कोप मंगाया गया था। इसके जरिए लगभग 30 फीट की ऊंचाई से सूर्य की किरणें सीधे गर्भगृह में हनुमान जी के मस्तक पर केंद्रित की गईं, जिससे उनका सूर्य तिलक हुआ। इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दो लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, हनुमान जयंती पर दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। भक्तों की सुविधा के लिए दोपहर से देर रात तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर परिसर में कारपेट बिछाए गए और छाया तथा पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई थी। हनुमान जयंती के इस पावन अवसर पर विदिशा पूरी तरह भक्तिमय रंग में डूबा रहा, जहां आस्था और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। हनुमान जयंती के मौके पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। सुबह 5 बजे से विवेकानंद चौराहा से रंगई गणेश मंदिर तक का मार्ग पूरी तरह पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है। भोपाल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को अग्रवाल एकेडमी बाईपास से मिर्जापुर मार्ग की ओर डायवर्ट किया गया है, जबकि अशोकनगर-गुना जाने वाले वाहन सांची-ढोलखेड़ी मार्ग से निकाले जा रहे हैं। वहीं सांची-भोपाल मार्ग की बसों और चारपहिया वाहनों के लिए सोठिया बाईपास, आशीष मंगल वाटिका और अहमदपुर बाईपास से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।



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