विहिप चलाएगा नशा मुक्ति अभियान:बजरंग दल की अखिल भारतीय बैठक शुरू
बजरंग दल की दो दिवसीय अखिल भारतीय बैठक शनिवार को बीकेटी में एक शिक्षण संस्थान में शुरू हुई। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि युवाओं में बढ़ रहे नशे को लेकर चिंता जताई और कहा समाज के विभिन्न वर्गों में युवा वर्ग नशे की दिशा में बढ़ता जा रहा है समाज में कई प्रकार के नशे को अपना रहा है इसमें विशेष रूप से समाज को जागृत होकर युवाओं को नशा मुक्ति के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने अपने संवाद में कहा कि आज परिवारों का विघटन होता जा रहा है नई पीढ़ी के परिवारों में पारिवारिक कलह बढ़ती जा रही है यह बहुत ही चिंता का विषय है इसको लेकर समाज में आ रही कमियों को लेकर परिवार के बीच समन्वय की आवश्यकता है। उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया ने कहा कि 2023 में देश की 13 लाख महिलाएं लापता हुईं। इनमें से एक बड़ा वर्ग लव जिहाद का शिकार हुआ है। केरल की हजारों लड़कियां लव जिहाद का शिकार हुई। इस असंतुलन के पीछे कई अराजक तत्व योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं, जिनमें विशेष रूप से धार्मिक मतांतरण, लव जिहाद, बांग्लादेश और म्यांमार से हो रही मुस्लिम घुसपैठ, और हिन्दू समाज में घटती जन्मदर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुनियोजित रूप से आर्थिक प्रलोभन, छल कपट या दबाव के माध्यम से मुसलमानों एवं ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण ने कई क्षेत्रों में स्थानीय हिन्दू जनसंख्या को कम किया है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री परांडे ने कहा कि एक सुनियोजित रणनीति के तहत मुस्लिमों के एक वर्ग द्वारा हिन्दू युवतियों को फंसाकर उनका मतांतरण कराया जा रहा है, जो केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सांस्कृतिक हमला है। सीमावर्ती राज्यों जैसे असम, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान जैसे राज्यों में रोहिंग्या मुस्लिम घुसपैठियों की संख्या चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आर्थिक दृष्टिकोण से जागरूक हिन्दू समाज में परिवार सीमित रखने की प्रवृत्ति है, परंतु बाकी वर्गों में इस पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे असंतुलन और तेज होता जा रहा है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की रिपोर्ट ने भारत में जनसंख्या वितरण की गहराई से समीक्षा प्रस्तुत की है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वर्गों में जन्मदर जहां स्थिर या बढ़ती हुई है, वहीं हिन्दू समाज में यह दर घट रही है। भारत के स्थायित्व, संस्कृति और एकता की रक्षा की आवश्यकता है। सभी राष्ट्रप्रेमी नागरिकों, संतों, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों से अपील है कि वे इन विषयों पर जनजागरण में सहभागी बनें।
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