सिरसा में आर्किटेक्ट पर 33 लाख की धोखाधड़ी का आरोप:70 प्रतिशत रुपये लेकर घर का काम बीच में छोड़ा, पुलिस बोली-केस दर्ज किया

सिरसा में आर्किटेक्ट पर 33 लाख की धोखाधड़ी का आरोप:70 प्रतिशत रुपये लेकर घर का काम बीच में छोड़ा, पुलिस बोली-केस दर्ज किया




सिरसा में आर्किटेक्ट एवं इंटीरियर डिजाइनर पर करीब 33 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। आरोप है कि आर्किटेक्ट ने पहले से 70 प्रतिशत रुपये लेने के बावजूद घर का काम बीच में छोड़ दिया। अब यह मामला पुलिस थाने तक जा पहुंचा है। पुलिस का कहना है कि मामला संज्ञान में हैं और इसमें जांच जारी है। जानकारी के अनुसार, इसकी शिकायत एफ-ब्लॉक निवासी मुनीश कुमार ने पुलिस को दी है। शिकायत में स्थानीय आर्किटेक्ट एवं इंटीरियर डिजाइनर राज सिंह पर 33 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शहर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने पर आरोपी राज सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। शिकायत में मुनीश कुमार ने बताया, उक्त राज सिंह हिसार रोड का रहने वाला है। उसने उसे घर के आर्किटेक्चरल, इंटीरियर और संबंधित कार्यों के लिए पेशेवर सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया। अप्रैल 2025 में काम शुरू हुआ और वादा किया था कि प्रोजेक्ट 31 अगस्त 2025 तक पूरा हो जाएगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, राज सिंह ने अपनी विशेषज्ञता, कुशल टीम, फैक्ट्री सुविधा और समय पर ईमानदार काम पूरा करने के भरोसे दिलाए। उसने 3डी पीपीटी भी दिखाया और दावा किया कि सभी कार्य उसी डिजाइन के अनुसार होंगे और सजावटी सामान भी अनुबंध के तहत प्रदान किए जाएंगे। इन आश्वासनों पर भरोसा कर शिकायतकर्ता ने आरोपी को प्रोजेक्ट सौंप दिया।
सितंबर तक 33 लाख रुपए दे दिए थे
शिकायत में आगे बताते हुए आरोप लगाए कि उसे किए हुए सभी वादे झूठे और धोखाधड़ीपूर्ण थे, ताकि बड़ी रकम हथियाई जा सके। विश्वास में आकर उसने सितंबर 2025 तक कुल 33 लाख रुपये उसे सौंप दिए। यह राशि स्पष्ट शर्त के साथ दी गई थी कि पैसा केवल उनके प्रोजेक्ट के लिए तय स्पेसिफिकेशन, डिजाइन, मात्रा और समय-सीमा के अनुसार इस्तेमाल होगा। राज सिंह ने डिजिटल मैसेज में 33 लाख रुपये मिलने की पुष्टि भी की।
पैसे लेने के बाद काम धीमा रहा, 40 प्रतिशत काम ही पूरा किया था
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतनी सारी रकम मिलने के बाद उसके यहां काम धीमा रहा। 2 दिसंबर 2025 तक साइट पर मात्र 40 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ, जबकि बड़ा हिस्सा शुरू ही नहीं हुआ। इससे साफ जाहिर होता है कि आरोपी ने फंड का गलत इस्तेमाल किया, उसे अन्य जगहों पर खर्च किया या गबन कर लिया। शहर थाना पुलिस का कहना है कि जांच अधिकारी ने मामले की जांच शुरू कर दी गई। जो सच्चाई सामने आएगी उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!