हिमाचल राज्यसभा चुनाव में 'ट्विस्ट':आनंद-प्रतिभा के बाद रेस में रजनी पाटिल, ‘बाहरी बनाम लोकल’ बहस शुरू, गोस्वामी का कार्यकाल अप्रैल में पूरा

हिमाचल राज्यसभा चुनाव में 'ट्विस्ट':आनंद-प्रतिभा के बाद रेस में रजनी पाटिल, ‘बाहरी बनाम लोकल’ बहस शुरू, गोस्वामी का कार्यकाल अप्रैल में पूरा




हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा की अप्रैल में खाली होने वाली एक सीट के लिए लॉबिंग तेज हो गई है। अभी तक पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को राज्यसभा सांसद का दावेदार माना जा रहा था। मगर अब दावेदारों की सूची में तीसरे एवं ‘बाहरी’ नेता रजनी पाटिल का नाम जुड़ गया है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि गांधी परिवार की करीबी रजनी पाटिल को कांग्रेस हाईकमान हिमाचल से राज्यसभा में भेजना चाहती है। हालांकि, वह अभी महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं, मगर 6 अप्रैल 2026 को उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। महाराष्ट्र में अब ‘महायुति गठबंधन’ वाली बहुमत की सरकार है। इससे रजनी पाटिल का वहां से दोबारा चुनना मुश्किल है। ऐसे में पार्टी हाईकमान उन्हें हिमाचल से राज्यसभा भेजने पर विचार कर रहा है। सूत्रों की मानें तो हाईकमान हिमाचल के शीर्ष नेतृत्व से भी इसे लेकर चर्चा कर चुका है। इस दौरान फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों के असंतोष की बात भी हाईकमान के समक्ष रखी गई, क्योंकि 2024 में भी हाईकमान ने गैर-हिमाचली एवं सुप्रीम कोर्ट के मशहूर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी को हिमाचल से राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया था। उस दौरान कांग्रेस के पास अपने 40 विधायक और 3 निर्दलीयों का समर्थन था, जबकि बहुमत के लिए 35 विधायकों के वोट जरूरी थे। बावजूद इसके कांग्रेस चुनाव हार गई थी और सरकार पर भी संकट आ गया था। कांग्रेस दोबारा ऐसी परिस्थिति से बचना चाहेगी। इसलिए हाईकमान ने रजनी पाटिल को लेकर पार्टी के भीतर की अंदरूनी प्रतिक्रिया को जानने को कह दिया है। रजनी पाटिल हिमाचल में सक्रिय हुईं वहीं, रजनी पाटिल वर्तमान में हिमाचल कांग्रेस की प्रभारी भी हैं। वह बार-बार हिमाचल के दौरे कर रही हैं और कांग्रेस की मजबूती व एकजुटता को लेकर प्रयासरत हैं। उनका यह प्रयास उन्हें हिमाचल से राज्यसभा भेज पाता है या नहीं, यह तो भविष्य के गर्भ में है, मगर उनकी सक्रियता के बाद आनंद शर्मा और प्रतिभा सिंह की दावेदारी को चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। CM सुक्खू आनंद शर्मा को राज्यसभा भेजना चाह रहे बता दें कि, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा को सीएम सुक्खू का करीबी माना जाता है। सीएम की हामी भरने के बाद ही आनंद शर्मा को 2024 में लोकसभा चुनाव में कांगड़ा से प्रत्याशी बनाया गया था। सूत्र बताते हैं कि सीएम सुक्खू भी उन्हें हिमाचल से राज्यसभा भेजना चाहते हैं। मगर रजनी पाटिल से भी सुक्खू के अच्छे संबंध हैं। ऐसे में सुक्खू हाईकमान पर फैसला छोड़ सकते हैं। होलीलॉज धड़ा प्रतिभा को राज्यसभा भेजना चाह रहा वहीं हिमाचल के छह बार के सीएम स्व. वीरभद्र सिंह की पत्नी, पूर्व लोकसभा सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को भी राज्यसभा सांसद का दावेदार माना जा रहा है। कांग्रेस में होलीलॉज पर आस्था रखने वाला धड़ा प्रतिभा सिंह को राज्यसभा भेजना चाहता है, क्योंकि प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में लड़े गए विधानसभा चुनाव में हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनी। संख्याबल में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत हिमाचल विधानसभा में संख्याबल के लिहाज से कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत है। 68 विधायकों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 35 विधायक चाहिए, जबकि कांग्रेस के पास 40 विधायक हैं। मार्च में हो सकते हैं चुनाव भाजपा की राज्यसभा सांसद इंदू गोस्वामी का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त होने जा रहा है। लिहाजा मार्च में हिमाचल की एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव हो सकते हैं।



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