हैडकांस्टेबल-कांस्टेबल पर साढ़े आठ लाख वसूलने का आरोप:एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी,मुख्यालय ने कमियां मानते हुए जांच वापस की
कोटा 3 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए हैडकांस्टेबल जीतराम और उसके साथी कांस्टेबल गोपाल पर अब झूठे केस में फंसाने के नाम पर 8.50 लाख रुपए लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित का कहना है कि इन दोनों ने अपने दलाल के साथ मिलकर यह साजिश की थी। जीतराम चार घंटे तक उसे कार में बंधक बनाकर घर से पैसे मंगाए। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए रखे पैसे लाकर दिए। इनके खिलाफ एसपी, आईजी व डीजीपी तक शिकायत दी गई। इस मामले की जांच भी पूरी करके डीएसपी ने मुख्यालय को भेज दी थी। इसमें पीड़ित के बयान नहीं थे। इस पर मुख्यालय ने जांच वापस भेजी है और उसमें कई निर्देश भी दिए हैं। बोरखेड़ा निवासी आफाक अहमद का कहना है कि 7 अगस्त को वह कार से कोटड़ी अपने परिवार से मिलने आया था, तब हैडकांस्टेबल जीतराम व गोपाल आए। दोनों मेरी कार के अंदर घुस गए। जीतराम ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और मुझे थाने ले जाने की बात कहता हुआ मल्टीपरपज स्कूल ले गया। मुझे थैली दिखाते हुए एनडीपीएस मामले में फंसाने की धमकी देकर 20 लाख रुपए देने को कहा। वहां इलियास कबाड़ी को भी बुला लिया। उसने 10 लाख रुपए में मामला तय करवाया। उसने कहा कि 9 लाख रुपए दे दे। मैंने अपने बेटे को पैसे लाने के लिए कहा तो उसने बेटी की शादी के रखे चार लाख तीस हजार रुपए लाकर दिए। इलियास ने यह पैसे लिए। गाड़ी में मुझे बंधक बनाकर रखा। बाद में चंदीराम होटल के पीछे खाली जगह पर ले गए। बाद में डीसीएम रोड पर छोड़ा, लेकिन मेरी कार रख ली और धमकाया कि अगर बाकी के पैसे नहीं देगा तो गाड़ी में नशा बताकर केस बनाएंगे। इसके बाद पत्नी के साथ उसके जेवर लेकर सर्राफा बाजार में गया। वहां 3 लाख रुपए में जेवर बेचे। 50 हजार रुपए पत्नी ने एटीएम से निकाले और 3.50 लाख रुपए जीतराम को ले जाकर दिए। तब उसने मेरी कार दी और मेरे मोबाइल से पूरा डेटा डिलीट कर दिया। डीएसपी ने इसकी जांच की तो आफाक जेल में था। उसके बयान नहीं लिए जा सके। जांच में उनके सीसीटीवी फुटेज नहीं तलाशे। लोकेशन नहीं ली। डीएसपी योगेश शर्मा का कहना है कि फरियादी आफाक के खिलाफ भी मारपीट, जानलेवा हमले व एनडीपीएस के कुल मिलाकर 10 केस दर्ज हैं। इसके दो भाई भी हिस्ट्रीशीटर हैं। इनकी भी रिपोर्ट में डिटेल डाली जाएगी। अभी एनडीपीएस के मामले में पकड़ा गया था।
Source link

