dk shivakumar hints to quit as karnataka pradesh congress president amid CM post contendership rift with Siddaramaiah | शिवकुमार बोले- हमेशा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नहीं रह सकता: फ्रंटलाइन लीडरशिप में रहूंगा; पद छोड़ने के संकेत, CM बनने पर सिद्धारमैया से टकराव की अटकलें

dk shivakumar hints to quit as karnataka pradesh congress president amid CM post contendership rift with Siddaramaiah | शिवकुमार बोले- हमेशा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नहीं रह सकता: फ्रंटलाइन लीडरशिप में रहूंगा; पद छोड़ने के संकेत, CM बनने पर सिद्धारमैया से टकराव की अटकलें


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बेंगलुरु26 मिनट पहले

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कर्नाटक सरकार इस साल 5 साल के कार्यकाल का आधा पड़ाव पार करेगी। अगले ढाई साल के लिए शिवकुमार के समर्थक उन्हें CM बनाने की मांग कर रहे हैं।

कर्नाटक के डिप्टी सीएम और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को संकेत दिए कि वे जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं। उन्होंने बेंगलुरु में इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा- मैं इस पद पर हमेशा नहीं रह सकता।

शिवकुमार ने कहा- साढ़े पांच साल हो चुके हैं और मार्च में छह साल हो जाएंगे। अब दूसरे नेताओं को भी अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- मैं लीडरशिप में रहूंगा। चिंता मत करिए, मैं फ्रंटलाइन में रहूगा। मैं रहूं या न रहूं, इससे फर्क नहीं पड़ता। मेरी कोशिश है कि अपने कार्यकाल में पार्टी के 100 ऑफिस बनवाऊं।

शिवकुमार के इस बयान से CM पद को लेकर सिद्धारमैया के साथ उनकी रस्साकशी की अटकलें को फिर से हवा मिल गई है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार इस महीने अपने 5 साल के कार्यकाल में ढाई साल पूरे करने वाली है। राज्य में पार्टी के अंदर CM पद के साथ प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव की चर्चा चल रही है।

शिवकुमार का बयान अहम क्यों है, 4 पॉइंट में समझिए

  • 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को करारी हार दी। शिवकुमार ने चुनाव अभियान का नेतृत्व किया था। चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच टकराव हुआ था।
  • तब सिद्धारमैया के समर्थकों ने पार्टी के ‘वन मैन, वन पोस्ट नियम का हवाला दिया था, जिसके चलते शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी में पीछे रह गए, क्योंकि वे मई 2020 से कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष थे।
  • CM पद को लेकर कई दिनों तक बातचीत चली और अंत में कांग्रेस ने सिद्धारमैया को CM बनाया। शिवकुमार को दो प्रस्ताव दिए गए, जिनमें से उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद के साथ कांग्रेस अध्यक्ष बने रहने का प्रस्ताव स्वीकार किया था।
  • हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया था कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूले के तहत समझौता हुआ था, जिसमें दोनों ढाई-ढाई साल CM बनेंगे। इस फॉर्मूले के तहत, सिद्धारमैया के CM बने रहने की समयसीमा इसी महीने पूरी होने वाली है।

सिद्धारमैया ने भी CM पद पर बने रहने के संकेत दिए

दूसरी तरफ, CM सिद्धारमैया ने भी CM पद पर बने रहने के संकेत दिए हैं। उन्होंने बुधवार को बेंगलुरु में एलजी हवानूर की स्वर्ण जयंती के मौके पर कहा- जब मैं पहली बार वित्त मंत्री बना, तो एक अखबार ने लिखा था कि यह कुरुबा जाति का सिद्धारमैया सौ भेड़ें भी नहीं गिन सकता, वह वित्त मंत्री का काम कैसे करेगा। मैंने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया। मैंने अब तक 16 बजट पेश किए हैं। अब 17वां बजट पेश करूंगा।

कर्नाटक CM सिद्धारमैया के पास वित्त विभाग भी है। उन्होंने मार्च, 2025 में राज्य का 16वां बजट पेश किया था। 2026-27 का बजट अगले साल मार्च में पेश किये जाने की संभावना है। इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है।

सिद्धारमैया ने 16 नवंबर को खड़गे से मुलाकात की थी

कर्नाटक सरकार में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 16 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया था, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया ने खड़गे के साथ राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की।

सूत्रों ने अनुसार, अगर कांग्रेस हाईकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी देता है, तो यह संकेत होगा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। इससे शिवकुमार के CM बनने की संभावना खत्म हो जाएगी।

शिवकुमार ने कहा था- अगर पार्टी है, तो हम सब हैं

शिवकुमार ने भी खड़गे से दिल्ली में मुलाकात की थी। उन्होंने मुलाकात के बारे में पूछने पर पत्रकारों से कहा था- पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलना आम है, कोई खास बात नहीं। मंत्रिमंडल में फेरबदल और नेतृत्व में बदलाव की अटकलों पर शिवकुमार ने कहा- अगर पार्टी है, तो हम सब हैं।

शिवकुमार ने खुद को पार्टी का वफादार सिपाही बताते हुए कहा था कि वह तब तक प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे जब तक नेतृत्व चाहेगा कि वह इस पद पर बने रहें। हालांकि, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 2023 में कहा था कि शिवकुमार 2024 के लोकसभा चुनावों तक प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे।

मार्च में विधायक ने दावा किया था- शिवकुमार दिसंबर में CM बनेंगे

कांग्रेस विधायक बसवराजू वी शिवगंगा ने 2 मार्च को दावा किया था कि डिप्टी CM डीके शिवकुमार आने वाले दिसंबर में मुख्यमंत्री बनेंगे। कम से कम अगले 7.5 साल तक CM बने रहेंगे।

शिवगंगा की बात का समर्थन करते हुए कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा- डीके शिवकुमार को राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहिए। साथ ही दावा किया कि शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना पहले से ही तय है। कोई उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोक नहीं सकता। इतिहास पहले ही लिख दिया गया है। आज या कल, यह हो जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…

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