Brass Gita made in Indore | इंदौर में तैयार हुई पीतल की गीता: छपाई में 2 घंटे 40 मिनट का लगा समय, 54 पेजों में 18 अध्याय और 700 श्लोक – Indore News
इंदौर में गीता जयंती के पहले पीतल की गीता तैयार की गई है। इसमें 54 पेजों में 18 अध्याय और 700 श्लोक अंकित किए गए हैं। इसमें भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र के युद्ध क्षेत्र में हुआ संवाद भी वर्णित किया गया है।
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इसे तैयार करने वाले एडवोकेट लोकेश मंगल ने बताया कि जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी की प्रेरणा से समर्पण से संसार पुस्तक द्वारा पीतल की श्रीमद् भगवद् गीता को 29 नवंबर की रात को जारी किया गया। इसमें 54 पेज हैं। गीता के 18 अध्याय और 700 श्लोक मौजूद हैं। यह महाभारत के भीष्म पर्व का एक हिस्सा है, इसमें भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच कुरुक्षेत्र युद्ध क्षेत्र में हुआ संवाद वर्णित है।
इस तरह होती है पीतल पर छपाई।
2 घंटे 40 मिनट में हुई छपाई
उन्होंने बताया कि पीतल की गीता के एक पेज की लंबाई 7 इंच और चौड़ाई 5 इंच है। इसके पेजों की कटाई में 57 मिनट का समय लगा, जबकि PLT फाइल बनाने में 6 घंटे 48 मिनट का समय लगा। साथ ही छपाई में 2 घंटे 40 मिनट लगे। इसे बनाने का निर्णय 27 नवंबर को लिया गया था। 28 नवंबर को इसका काम पूरा भी कर लिया गया।
इंदौर में तैयार हुई पीतल की श्रीमद् भगवद् गीता।
10 किलो पीतल की रामायण भी बनाई
बता दें कि इंदौर के लोकेश मंगल ने पीतल की वाल्मीकि रामायण तैयार की है। रामायण के हर कांड को अलग-अलग पीतल की किताबों में उकेरा गया है। ये सभी किताबें संस्कृत भाषा में हैं। इन सभी किताबों का वजह 10 से साढ़े 10 किलो के करीब है। पूरी रामायण को तैयार करने में कई दिनों का समय लगा और कई लोगों की मेहनत इसमें लगी है। इसके अलावा भी वे अब तक पीतल की कई किताबें तैयार कर चुके हैं।
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इंदौर में 10 किलो की पीतल की रामायण तैयार
पीतल की रामायण।
इंदौर में एक युवक ने पीतल की वाल्मीकि रामायण तैयार की है। रामायण के हर कांड को अलग-अलग पीतल की किताबों में उकेरा गया है। ये सभी किताबें संस्कृत भाषा में हैं। इन सभी किताबों का वजह 10 से साढ़े 10 किलो के करीब है। पूरी रामायण को तैयार करने में इतने दिनों का समय लगा और कई लोगों की मेहनत इसमें लगी है। पढ़ें पूरी खबर…

