Aadhaar Card Mobile Number Change 2025 Update | UIDAI Online Rules | नए आधार एप में घर बैठे एड्रेस-नाम बदल सकेंगे: मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा शुरू; किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं

Aadhaar Card Mobile Number Change 2025 Update | UIDAI Online Rules | नए आधार एप में घर बैठे एड्रेस-नाम बदल सकेंगे: मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा शुरू; किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं


मुंबई1 घंटे पहले

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अब आप घर बैठे आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल सकते हैं। सरकार ने नए आधार एप में इस सुविधा को शुरू कर दिया है। वहीं, एड्रेस, नाम और ईमेल आईडी भी अपडेट करने की फैसिलिटी जल्द शुरू होगी। नई डिजिटल सर्विस की घोषणा आधार को रेगुलेट करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने की है।

इन बदलावों के लिए यूजर्स को किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होगी। एप पर OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन से सबकुछ चेंज किया जा सकेगा। इस सर्विस से दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोग, सीनियर सिटिजन और माइग्रेट करने वालों को आसानी होगी।

नई सर्विस कैसे काम करेगी?

UIDAI के मुताबिक एप के जरिए आधार में अपडेट की प्रोसेस काफी सिंपल है। इसके लिए कोई डॉक्यूमेंट या फिजिकल विजिट की जरूरत नहीं है। पूरी प्रोसेस कुछ मिनटों में हो जाएगी।

अगर आपने एप डाउनलोड नहीं किया है तो इसे डाउनलोड करके सेटअप करना होगा। इसके लिए स्टेप्स…

  • सबसे पहले यूजर्स को AADHAAR एप डाउनलोड करना होगा।
  • यहां यूजर्स को अपना आधार नंबर डालकर लॉगिन करना होगा।
  • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP जाएगा, वेरिफिकेशन करना होगा।
  • आगे इस्तेमाल के लिए 6 अंकों का लॉगिन PIN सेट करना होगा।

एप में मोबाइल नंबर कैसे अपडेट होगा?

  • 6 अंकों का PIN डालकर आधार एप में लॉगिन करें।
  • स्क्रोल करके नीचे जाएं, सर्विसेज में ‘माय आधार अपडेट’ पर क्लिक करें।
  • सबसे पहले मोबाइल नंबर अपडेट का ही ऑप्शन आएगा, क्लिक करें।
  • यहां जरूरी डिटेल पढ़ें, कंटिन्यू पर क्लिक करें।
  • मौजूदा मोबाइल नंबर डालें, OTP वेरिफाई करें।
  • नया मोबाइल नंबर डालें OTP वेरिफाई करें।
  • फेस ऑथेंटिकेशन होगा, कैमरे में देखकर एक बार आंख बंद करें खोलें।
  • पेमेंट करने का ऑप्शन आएगा, ₹75 जमा करने के बाद प्रोसेस पूरी हो जाएगी।

आधार मोबाइल अपडेट क्यों जरूरी है?

आधार कार्ड देश की सबसे बड़ी आइडेंटिटी सर्विस है, जिसमें 130 करोड़ से ज्यादा लोगों का डेटा जुड़ा हुआ है। मोबाइल नंबर इसका सबसे अहम हिस्सा है, क्योंकि इसी से OTP के जरिए बैंक अकाउंट, सरकारी सब्सिडी, इनकम टैक्स वेरिफिकेशन और डिजिटल सर्विसेज जैसे डिजीलॉकर तक एक्सेस मिलता है।

अगर नंबर पुराना हो जाए या खो जाए तो कई समस्याएं हो सकती हैं। अभी तक इसे अपडेट करने के लिए एनरोलमेंट सेंटर जाना पड़ता था, जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और लंबी कतारों का झंझट होता है। लेकिन अब UIDAI डिजिटल तरीके से इसे आसान बनाने जा रहा है।

UIDAI ने पिछले महीने AADHAAR एप लॉन्च किया था

एक महीने पहले UIDAI ने आधार कार्ड का नया मोबाइल एप लॉन्च किया था। इसमें यूजर एक ही फोन में 5 लोगों के आधार रख सकते हैं। इसमें आधार की सिर्फ वही जानकारी शेयर करने का ऑप्शन है, जो जरूरी होते हैं।

इस ऐप में आप UPI में जिस तरह स्कैन कर पेमेंट करते है, उसी तरह आधार डिटेल्स शेयर कर सकते हैं। एप को ज्यादा सिक्योर बनाने के लिए इसमें फेस ऑथेंटिकेशन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं।

आधार के नए एप के फीचर्स

  • फोन में आधार कैरी करें: ई-आधार हमेशा साथ रहेगा, पेपर कॉपी की जरूरत नहीं होगी।
  • फेस स्कैन शेयरिंग: ID शेयर करने के लिए फेस स्कैन करना होगा, पिन-OTP की तरह सेफ।
  • सिक्योर लॉगिन: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से एप ओपन होगा।
  • मल्टी लैंग्वेज सपोर्ट: हिंदी, इंग्लिश सहित कई भाषाओं में अवेलेबल।
  • ऑफलाइन यूज: इंटरनेट नहीं होने पर भी आधार देख सकेंगे।

पुराना आधार एप पहले से था, फिर नया क्यों लाया गया?

पुराना mAadhaar और नया आधार एप का मकसद आधार को डिजिटल तरीके से यूज करना है, लेकिन फोकस अलग-अलग है…

  • PDF डाउनलोड या PVC कार्ड के लिए अभी भी mAadhaar यूज करें।
  • वर्चुअल ID जेनरेट या कुछ अपडेट्स के लिए UIDAI पोर्टल या mAadhaar ही बेहतर।
  • नया एप प्राइवेसी-फर्स्ट है, जहां सिलेक्टिव डिस्क्लोजर से सिर्फ जरूरी इंफो शेयर होती है।

नए एप से यूजर्स को क्या फायदा मिलेगा?

  • होटल चेक-इन, SIM एक्टिवेशन या बैंक KYC तेज होगी।
  • फैमिली मैनेजमेंट आसान, एक फोन पर सबके डिटेल्स।
  • सिलेक्टिव शेयरिंग से पर्सनल डेटा एक्सपोज नहीं होगा।

2009 में शुरू हुआ था आधार

आधार 2009 में शुरू हुआ था। अब 1.3 अरब यानी 130 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार हैं। पहले पेपर कार्ड था, फिर mAadhaar एप आया। अब डिजिटल इंडिया के तहत फुली डिजिटल एप लाया गया है। सरकार की कोशिश है कि हर सर्विस ऑनलाइन हो जाए।

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देश में 6 करोड़ मृतकों के आधार कार्ड एक्टिव: पश्चिम बंगाल में 34 लाख ID धारक अब जिंदा नहीं; UIDAI ने सर्वे शुरू किया

देश में जनवरी 2009 में आधार कार्ड लागू हुआ था। हर नागरिक को आधार नंबर जारी करने की शुरुआत के 15 साल हो चुके हैं। इस दौरान 142 करोड़ से अधिक आधार कार्ड जारी हुए, लेकिन 8 करोड़ से ज्यादा धारकों की मौत के बावजूद 1.83 करोड़ कार्ड ही निष्क्रिय हो पाए हैं।

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