Sandeshkhali Witness Road Accident Update | Bholanath Ghosh | संदेशखाली मामले में मुख्य गवाह की कार का एक्सीडेंट: कोर्ट जाते वक्त ट्रक ने टक्कर मारी, बेटे-ड्राइवर की मौत; परिवार बोला- ये सुनियोजित हमला
पश्चिम-बंगाल6 मिनट पहले
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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली हिंसा और ईडी अधिकारियों पर हमले के मामलों के मुख्य गवाह भोला नाथ घोष की कार का एक्सीडेंट हुआ। बुधवार दोपहर हुए हादसे में घोष के छोटे बेटे सत्यजीत घोष (32) और कार ड्राइवर साहनूर मोल्ला (27) की मौत हो गई।
हादसा नॉर्थ 24 परगना जिले के बासंती हाईवे पर बयरामारी पेट्रोल पंप के पास हुआ थाा। घोष के मुताबिक 16-पहिया वाला ट्रक उनकी कार का पीछा कर रहा था। उसने दाईं ओर से टक्कर मारी। वहीं पुलिस का कहना है कि ट्रक और कार की आमने-सामने से टक्कर हुई। ट्रक कार को घसीटता ले गया था। बाद में ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद फोरेंसिक एक्सपर्ट ने दोनों वाहनों के सैंपल लिए। ट्रक ड्राइवर का नाम अब्दुल हलीम मोल्ला बताया जा रहा है। वो भी संदेशखाली हिंसा मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ भी कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी है।
कार को ट्रक ने टक्कर मारी थी। इसके बाद कई फीट तक घसीटा भी था।
परिवार का आरोप- जेल से रची गई हत्या की साजिश
भोला नाथ घोष के बड़े बेटे बिस्वजीत घोष का दावा है कि पूरी घटना सोची-समझी हत्या की कोशिश है। मेरे पिता सीबाआई के सामने सच बोल रहे हैं, इसलिए संदेशखाली मामले के आरोपी शाहजहां और उसके लोग लगातार धमकियां दे रहे थे। सबिता रॉय और मोस्लेम शेख ने जेल में बैठे शाहजहां के इशारे पर यह हमला करवाया है।
घटना पर किसने क्या कहा..
- भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि ट्रक अब्दुल हलीम मोल्ला और उसके सहयोगी चला रहे थे। यह घटना स्पष्ट रूप से हत्या का मामला है।
- बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि शाहजहां जेल में रहते हुए गवाहों को खत्म करवा रहा है।
- विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह घटना मामले को राज्य से बाहर ले जाने के लिए पर्याप्त आधार देती है।
संदेशखाली मामले में मुख्य आरोपी शाहजहां शेख इस समय जेल में बंद है।
कौन है शेख शाहजहां?
शेख शाहजहां पूर्व टीएमसी नेता है, जिस पर राजनीतिक प्रभाव और हथियारबंद समूह की मदद से बड़ा आपराधिक नेटवर्क चलाने का आरोप हैं।
ईडी और सीबीआई के मुताबिक, उसके नेटवर्क में जमीन कब्जा, अवैध मछली पालन, ईंट भट्टों, बाजारों से उगाही और सरकारी टेंडरों पर नियंत्रण जैसे काम शामिल थे। एजेंसियों के मुताबिक उसने इन अवैध गतिविधियों से करीब 261 करोड़ रुपए की कमाई की है।
कई महिलाओं ने उस पर और उसके लोगों पर गंभीर दुर्व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। डर और धमकियों के कारण कई महिलाएं और स्थानीय लोग लंबे समय तक खुलकर उसकी शिकायत नहीं कर सके।
जांच में अब तक 27 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की गई है, जिसमें तीन लग्जरी एसयूवी भी हैं। मनी लॉन्ड्रिंग केस में शाहजहां, उसके भाई शेख आलमगीर और दो सहयोगी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 100 से अधिक स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। ———-
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ये सब होते-होते 13 साल बीत गए। शाहजहां शेख और उसके लोगों को जो औरत अच्छी लगती, पार्टी की मीटिंग के बहाने ऑफिस में बुला लेते। दो दिन, तीन दिन, चार दिन, जब तक मन होता, ऑफिस में ही रखते। कोई महिला बुलाने पर नहीं आती, तो उसे घर से उठा लेते। 3-4 बार मुझे भी ऑफिस में बुलाया। पहले तो मैं नहीं गई, लेकिन उन लोगों ने मेरे पति को उठवा लिया। उसे मारा-पीटा। मैं क्या करती।’ पूरी खबर पढ़ें…

