The Punjab and Haryana High Court has dismissed the petition seeking cancellation of MLA Sukhvinder Singh Sukhi’s membership. | विधायक सुखी की सदस्यता पर स्पीकर जल्द फैसला लें: हाई कोर्ट में याचिका खारिज, तीन महीने के भीतर निर्णय का सुप्रीम कोर्ट आदेश याद दिलाया – Chandigarh News
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बंगा से विधायक सुखविंदर सिंह सुखी की सदस्यता रद्द करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। सुखी ने शिरोमणि अकाली दल छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था। याचिकाकर्ता ने इसे दलबदल विरोधी कानून का उल्लंघन
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हाई कोर्ट ने कहा कि उसे भरोसा है कि पंजाब विधानसभा के स्पीकर इस मामले में “जितनी जल्दी संभव हो” उचित फैसला लेंगे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही ऐसे मामलों में तीन महीनों के भीतर निर्णय लेने की बाध्यता तय कर चुका है।
आम आदमी पाटी में शामिल होने के दौरान सुखविंदर सिंह सुखी।
याचिकाकर्ता अरोड़ा ने कोर्ट को बताया कि सुखी को लोगों ने अकाली दल की टिकट पर चुना था, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी बदल ली। इस पर उन्होंने विधानसभा स्पीकर को सुखी की सदस्यता रद्द करने की अपील की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
हाई कोर्ट ने पिटीशन का निपटारा करते हुए स्पीकर को लंबित शिकायत पर नियमों के अनुसार निर्णय लेने के निर्देश जारी किए हैं।
2024 में सुखी ने ज्वाइन की थी आप
शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर चुनाव लड़कर जीते सुखविंदर सिंह सुखी ने 14 अगस्त 2024 को आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली थी। उन्हें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पार्टी ज्वाइन करवाई थी।
वकील HC अरोड़ा ने डाली थी याचिका सुखविंदर सिंह सुखी के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद HC अरोड़ा द्वारा अदालत में याचिका दायर कर इसे दल बदली कानून की उलंघन बताया था और उनकी विधायक के तौर पर सदस्यता विधानसभा में रद्द करने की मांग की थी।

