Alleged vote theft case in Karnataka Assembly elections | कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ का मामला: पूर्व BJP MLA के खिलाफ SIT की चार्जशीट , मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के प्रयास का आरोप

Alleged vote theft case in Karnataka Assembly elections | कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ का मामला: पूर्व BJP MLA के खिलाफ SIT की चार्जशीट , मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के प्रयास का आरोप


बेंगलुरु13 मिनट पहले

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2023 कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान आलंद विधानसभा क्षेत्र में कथित ‘वोट चोरी’ मामले की जांच कर रही SIT ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व भाजपा विधायक सुभाष गुट्टेदार और उनके बेटे हर्षानंद गुट्टेदार समेत सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। SIT ने यह चार्जशीट बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी अदालत में दाखिल की है। दाखिल चार्जशीट के अनुसार, आरोपियों पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से 5,994 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास करने का आरोप है।

SIT की चार्जशीट में क्या है? आपराधिक जांच विभाग (CID) के सूत्रों के मुताबिक, 22,000 से अधिक पन्नों की इस चार्जशीट में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए अपनाए गए पूरे तौर-तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें टेक्निकल हेल्प और डेटा के कथित दुरुपयोग का भी उल्लेख किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

आलंद विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा यह पूरा मामला 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले कथित ‘वोट चोरी’ का है, जिसमें आरोप है कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम अवैध रूप से हटाए गए। जांच के अनुसार दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के बीच एक साइबर सेंटर के जरिए करीब 6,000 मतदाताओं के नाम हटाए गए और इसके बदले प्रति आवेदन 80 रुपए का भुगतान किया गया।

इस मामले का पुरा घटनाक्रम…

  • दिसंबर 2022 – फरवरी 2023आलंद विधानसभा क्षेत्र में एक साइबर सेंटर से कथित रूप से करीब 6,000 मतदाता आवेदनों को अवैध तरीके से मतदाता सूची से हटाया गया। आरोप है कि नाम हटाने के लिए लगाए गए लोगों को ₹80 प्रति आवेदन भुगतान किया गया।
  • 2023 विधानसभा चुनाव उस समय कर्नाटक में भाजपा की सरकार थी। आलंद से भाजपा विधायक सुभाष गुट्टेदार दोबारा चुनाव लड़ रहे थे। कांग्रेस उम्मीदवार बीआर पाटिल ने चुनाव जीत लिया।
  • चुनाव के बाद आलंद में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाने के आरोप सामने आए। मामले की जांच में चुनाव आयोग (ECI) से तकनीकी डेटा न मिलने के कारण शुरुआती जांच में बाधा आई।
  • राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद कर्नाटक सरकार ने SIT का गठन किया। SIT का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बीके सिंह को सौंपा गया।
  • अक्टूबर 2025 जांच में तेजी आई। SIT ने सुभाष गुट्टेदार, उनके बेटे हर्षानंद और संतोष, तथा उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट मल्लिकार्जुन महंतगोल के ठिकानों पर छापेमारी की।
  • छापेमारी के कुछ दिन बाद (अक्टूबर 2025)सुभाष गुट्टेदार के आवास के पास जले हुए मतदाता रिकॉर्ड के ढेर मिले।गुट्टेदार ने इसे त्योहार से पहले सफाई अभियान का हिस्सा बताया और किसी साजिश से इनकार किया।
  • 31 अक्टूबर 2025बेंगलुरु की विशेष अदालत ने सुभाष गुट्टेदार और उनके बेटे हर्षानंद को अग्रिम जमानत दी।

हाल ही में (2025 के अंत में)SIT ने मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की।इसमें सुभाष गुट्टेदार और हर्षानंद गुट्टेदार को मुख्य आरोपी बनाया गया।कुल सात आरोपी नामजद किए गए, एक की गिरफ्तारी हुई। SIT ने संकेत दिए कि ECI से तकनीकी डेटा मिलने के बाद और चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं। इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच की गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।



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