Jalandhar Lok Adalat to Hear 50,000 Cases, Drug Awareness Campaign Launched | जालंधर में आज लोक अदालत, 50 हजार केस सूची में: चालान व आपराधिक मामलों का निपटारा, 6 जनवरी तक नशा मुक्ति अभियान – Jalandhar News

Jalandhar Lok Adalat to Hear 50,000 Cases, Drug Awareness Campaign Launched | जालंधर में आज लोक अदालत, 50 हजार केस सूची में: चालान व आपराधिक मामलों का निपटारा, 6 जनवरी तक नशा मुक्ति अभियान – Jalandhar News


लोक अदालत में केसों की सुनवाई करते हुए

जालंधर में आज लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कुल 50 हजार मामलों की सुनवाई होगी। यह इस साल की आखिरी लोक अदालत है।नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी और पंजाब लीगल सर्विस अथॉरिटी के दिशानिर्देशों के तहत जिले में यह लोक अदालत लगाई जा रही है। अगली लोक अद

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जज निर्भव सिंह गिल ने बताया कि जिसका उद्देश्य विभिन्न लंबित मामलों का निपटारा करना है। इसके लिए जालंधर में 25 बेंच स्थापित किए गए हैं, जबकि फिल्लौर और नकोदर में भी 2 अतिरिक्त बेंच लगाए गए हैं। आज की सुनवाई में ट्रैफिक चालान, मोटर एक्सीडेंट क्लेम केस, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 (चेक बाउंस) से संबंधित मामले, फौजदारी केस और अन्य दीवानी मामले शामिल हैं।

जज निर्भव सिंह गिल ने कहा कि ऑनलाइन चालान की सुनवाई को लेकर कहा कि अभी उनके पास यह चालान नहीं आ रहे, लेकिन अगर किसी ने ऑनलाइन चालान का भुगतान करना है तो वह कोर्ट में याचिका लगा सकता है।

जलंधर में लोक अदालत केसों की हो रही सुनवाई

6 जनवरी तक नशा मुक्ति अभियान

इसके अतिरिक्त, 6 दिसंबर से 6 जनवरी तक एक नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य नशे के आदी युवाओं को सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जो युवा नशे के आदी हो गए हैं, वे नशा मुक्ति केंद्रों में जाकर अपना मुफ्त इलाज करवा सकते हैं।

छह माह तक इलाज इसके बाद प्रमाण पत्र

यह इलाज छह महीने का होगा, जिसके बाद डॉक्टरों द्वारा उन्हें प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। आज की लोक अदालत में तलाक सहित अन्य पारिवारिक मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। बैंक से जुड़े मामलों में चार कंपनियों से संबंधित केस आए हैं, जिनमें समझौते की संभावना है, और उन पर भी आज सुनवाई होगी।

कानूनी सहायता चाहिए तो डीएलएस कार्यालय से संपर्क करें

यदि नशे के आदी व्यक्ति को कानूनी सहायता की आवश्यकता है, तो वे डीएलएस कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। जज ने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति स्वेच्छा से अपना इलाज करवाने के लिए तैयार हैं, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।



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