Tradition and modernity abound at the ‘Rang-e-Rajasthan’ fashion show | ‘रंग-ए-राजस्थान’ फैशन शो में परम्परा और आधुनिकता की झलक: अपेक्स यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली ढंग से किया प्रस्तुत – Jaipur News
अपेक्स यूनिवर्सिटी के फैशन एंड डिजाइन डिपार्टमेंट के विद्यार्थियों ने अपने हुनर और रचनात्मक सोच से फैशन के मंच को जीवंत रैम्प में बदल दिया।
अपेक्स यूनिवर्सिटी के फैशन एंड डिजाइन डिपार्टमेंट के विद्यार्थियों ने अपने हुनर और रचनात्मक सोच से फैशन के मंच को जीवंत रैम्प में बदल दिया। वार्षिक स्टूडेंट फैशन कलेक्शन शोकेस ‘रंग-ए-राजस्थान’ में छात्रों की ओर से तैयार किए गए कलेक्शन्स ने राजस्थान क
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रैम्प पर उतरे हर कलेक्शन में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता साफ झलक रही थी। कहीं बंधेज, लहरिया, कोटा डोरिया और ब्लॉक प्रिंट जैसे पारंपरिक टेक्सटाइल्स को समकालीन सिलुएट्स में ढाला गया, तो कहीं कढ़ाई, मिरर वर्क, गोटा-पट्टी और हाथ की बुनाई को नए प्रयोगों के साथ पेश किया गया। छात्रों ने पारंपरिक रंगों केसरिया, नीला, लाल और मिट्टी के शेड्स को आधुनिक पैलेट के साथ संतुलित करते हुए ऐसे डिजाइन्स रचे, जो युवा सोच और राजस्थान की आत्मा दोनों को दर्शाते थे।
रैम्प पर उतरे हर कलेक्शन में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता साफ झलक रही थी।
इस शो की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने केवल पारंपरिक परिधानों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि इंडो-वेस्टर्न आउटफिट्स, स्ट्रक्चर्ड जैकेट्स, ड्रेप्ड सिलुएट्स और फ्यूजन एथनिक वियर के माध्यम से यह दिखाया कि कैसे लोक कला को ग्लोबल फैशन से जोड़ा जा सकता है। हर कलेक्शन में स्टोरीटेलिंग का प्रभाव नजर आया, जो राजस्थान की लोक परंपराओं, लोक कथाओं और ग्रामीण जीवन से प्रेरित था।
छात्रों ने पारंपरिक रंगों केसरिया, नीला, लाल और मिट्टी के शेड्स को आधुनिक पैलेट के साथ संतुलित करते हुए ऐसे डिजाइन्स रचे, जो युवा सोच और राजस्थान की आत्मा दोनों को दर्शाते थे।
मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा सदस्य कालीचरण सराफ ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा डिजाइनर्स की ओर से किए गए ऐसे प्रयोग भारतीय संस्कृति को नई पहचान देते हैं। जूरी सदस्यों में ज्वेलरी डिजाइनर पारुल पाटनवाला, फैशन डिजाइनर आयुष सोनी, शिवानी सोनी और आईपीएस संदीप सिंह चौहान ने छात्रों की डिजाइन समझ, क्राफ्ट नॉलेज और प्रेजेंटेशन स्किल्स की प्रशंसा की।
हर कलेक्शन में स्टोरीटेलिंग का प्रभाव नजर आया, जो राजस्थान की लोक परंपराओं, लोक कथाओं और ग्रामीण जीवन से प्रेरित था।
अपेक्स यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर वेदांशु जूनीवाल ने कहा कि ‘रंग-ए-राजस्थान’ विद्यार्थियों के लिए केवल एक फैशन शो नहीं, बल्कि उनकी सीख, मेहनत और भविष्य की संभावनाओं का मंच है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि स्टूडेंट्स न सिर्फ डिजाइन बना रहे हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति को वैश्विक मंच तक ले जाने की तैयारी भी कर रहे हैं।

