Pensioner society unhappy with the terms of the 8th Pay Commission | 8वें वेतन आयोग की शर्तों पर पेंशनर समाज नाराज: प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को कलेक्टर के माध्यम से भेजा ज्ञापन – Dholpur News
धौलपुर में राजस्थान पेंशनर समाज की जिला शाखा ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों पर नाराजगी व्यक्त की है।
धौलपुर में राजस्थान पेंशनर समाज की जिला शाखा ने आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों (टीओआर) पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। संगठन ने धौलपुर जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर
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जिला अध्यक्ष विशम्बर दयाल शर्मा और जिला महामंत्री अनवार अहमद सहित अन्य सदस्यों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) की 3 नवंबर 2025 की अधिसूचना में 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनभोगियों के पेंशन पुनरीक्षण को आठवें वेतन आयोग के दायरे से बाहर रखा गया है। समाज ने इसे पेंशनभोगियों के साथ अन्यायपूर्ण बताया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व के सभी केंद्रीय वेतन आयोगों ने सेवारत कर्मचारियों के साथ-साथ मौजूदा पेंशनभोगियों की पेंशन में भी संशोधन की सिफारिशें की थीं। संगठन ने तर्क दिया है कि हाईकोर्ट ने पेंशन को “रुका हुआ वेतन” (Deferred Wages) माना है, इसलिए पेंशन पुनरीक्षण को “अनफंडेड कॉस्ट” बताना तर्कसंगत नहीं है।
राजस्थान पेंशनर समाज की प्रमुख मांग
-1 जनवरी 2026 से पहले के पेंशनभोगियों की पेंशन का भी पुनरीक्षण किया जाए।
-65, 70 और 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर क्रमशः 5%, 10% और 15% अतिरिक्त पेंशन प्रदान की जाए।
-पेंशन कम्युटेशन की बहाली अवधि को घटाकर 10 वर्ष किया जाए।
पेंशन सामाजिक न्याय का विषय
संगठन का कहना है कि जब देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में इसमें योगदान देने वाले बुजुर्ग पेंशनभोगियों को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। समाज ने जोर दिया कि पेंशन सामाजिक न्याय का विषय है और इसे नजरअंदाज करना लाखों पेंशनभोगी परिवारों के साथ अन्याय होगा।
राजस्थान पेंशनर समाज ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की संदर्भ शर्तों में संशोधन किया जाए। उनकी मांग है कि मौजूदा पेंशनभोगियों को भी पूर्व वेतन आयोगों की तरह लाभ प्रदान किया जाए, ताकि उनके साथ न्याय सुनिश्चित हो सके।

