Cess mandatory on building construction, notices issued to hundreds jhalawar Rajasthan | भवन निर्माण पर उपकर अनिवार्य, सैकड़ों को नोटिस जारी: जमा न करने पर 100% पेनल्टी और 24% ब्याज का प्रावधान – jhalawar News

Cess mandatory on building construction, notices issued to hundreds jhalawar Rajasthan | भवन निर्माण पर उपकर अनिवार्य, सैकड़ों को नोटिस जारी: जमा न करने पर 100% पेनल्टी और 24% ब्याज का प्रावधान – jhalawar News



झालावाड़ में भवन निर्माण पर उपकर अनिवार्य, अनदेखी पर 100 प्रतिशत पेनल्टी।

राजस्थान में भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (श्रमिक) कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत सभी निर्माण कार्यों पर 1 प्रतिशत उपकर (सेस) देना अनिवार्य है। यह नियम 27 सितंबर, 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक और निजी आवासीय भवनों पर लागू होता है। उपकर जम

.

राज्य में किसी भी वर्ग या निर्माण कार्य को उपकर राशि से छूट नहीं दी गई है, सिवाय उन आवासीय भवनों के जिनकी लागत 10 लाख रुपए से कम है। यदि आवासीय भवन की लागत 10 लाख रुपए से अधिक है, तो उस पर भी 1 प्रतिशत उपकर वसूला जाएगा। व्यवसायिक भवन निर्माण पर कोई छूट लागू नहीं है।

भवन मालिकों और नियोजकों को निर्माण कार्य शुरू होने के 30 दिनों के भीतर निर्धारित प्रपत्र में श्रम विभाग को सूचना देना आवश्यक है। उपकर राशि निर्माण कार्य पूरा होने या उपकर निर्धारण होने के 30 दिनों के भीतर, जो भी पहले हो, उपकर संग्रहक को जमा करानी होगी। यदि किसी परियोजना की अवधि एक वर्ष से अधिक है, तो प्रत्येक वर्ष की अवधि पूरी होने के 30 दिनों के भीतर देय उपकर राशि जमा करना अनिवार्य है। नियोजक अनुमानित लागत पर देय उपकर अग्रिम भी जमा करा सकते हैं।

श्रम कल्याण अधिकारी सुरेन्द्र कुमार सैनी ने बताया कि उपकर के रूप में एकत्र की गई राशि का उपयोग निर्माण श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में किया जाता है। इस अधिनियम के तहत, झालावाड़ श्रम कल्याण अधिकारी द्वारा अब तक 40 मालिकों और नियोजकों को नोटिस जारी किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 250 से अधिक आवासीय और व्यवसायिक निर्माण स्थलों के मालिकों को नोटिस दिए गए हैं। इसी वित्तीय वर्ष में 25 नियोजकों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करते हुए उपकर निर्धारण आदेश भी जारी किए गए हैं।

प्रारम्भ में भवन मालिक व नियोजक को निर्माण से संबंधित दस्तावेज अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा हैं। नोटिस के बाद उपकर सेस जमा नहीं कराने पर श्रम विभाग स्वयं निर्माण की लागत निकालकर भवन मालिक के विरूद्ध एक पक्षीय उपकर सेस निर्धारण आदेश जारी करेगा। उपकर राशि देय होने की अवधि में जमा नहीं कराए जाने की स्थिति में 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से नियोजक पर ब्याज आरोपित किए जाने का प्रावधान है।

विभाग के सख्त निर्देश है कि अधिक से अधिक भवन नियोजकों को नोटिस जारी कर उपकर सैस जमा करवाया जाए अन्यथा एक पक्षीय कार्रवाई की जाए।उक्त के अतिरिक्त उपकर निर्धारण के आदेश की दिनांक से निर्धारित अवधि में भुगतान व जमा नहीं कराने पर 100 प्रतिशत पेनल्टी का प्रावधान है। उपकर राशि जमा नहीं कराने पर मय ब्याज और पेनल्टी के साथ वसूली की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि कोई भी निर्माणकर्ता द्वारा नगर परिषद व नगर पालिकाओं में नक्शा स्वीकृति के समय उपकर की अनुमानित राशि जमा करवाई गई है तो भी अंतिम उपकर निर्धारण राशि कार्यालय श्रम कल्याण अधिकारी झालावाड़ में जमा करवाने का श्रम कराएं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!