Jhansi RPF caught two trucks carrying stolen signal cables. | झांसी RPF ने पकड़ी चोरी की दो ट्रक सिग्नल केबल: आरोपी मौके से फरार, पूरी रात माल की कीमत का आकलन करते रहे अधिकारी – Jhansi News
कबाड़ के गोदाम में मिली रेलवे की दो ट्रक सिग्नल केबल।
झांसी में रेल सुरक्षा बल ने दो ट्रक भरकर रेलवे से चोरी की गई सिग्नल केबल बरामद की है। झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र में बने एक कबाड़ के गोदाम में स्टॉक कर रखी गई थीं केबल। भारी दलबल के साथ मौके पर सुरक्षा बल पहुंचा तो यहां गोदाम में सिर्फ रेलवे की केबल
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माल बरामद होने के बाद आरपीएफ को अपना ट्रक मंगवाना पड़ा।
चोरी कर छिपाई गई सिग्नल केबल को 3 घंटे तक ट्रकों में लोड कराया गया।
बता दें कि ट्रेन संचालन का सबसे महत्वपूर्ण अंग सिग्नल है। इसे ही बेहतर ढंग से चलाने के लिए रेलवे करोड़ों रुपए खर्च कर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाता है ताकि, कैसी भी परिस्थिति हो ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो। लेकिन इन मंहगी केबल पर चोरों की हमेशा नजर रहती है। ऐसे ही चोरों ने लंबे समय से रेलवे की केबल को चोरी कर उसका स्टॉक नवाबाद थाना इलाके के बिपिन बिहारी कॉलेज के पास बने एक कबाड़ के गोदाम में कर रखा था।
आरपीएफ को सूचना मिली कि रेलवे की केबल कबाड़ के गोदाम में स्टॉक कर रखी गई है। जहां ये कबाड़ का गोदाम बनाया गया है, वहां पहले बाल सदन स्कूल हुआ करता था, जो अब बंद हो चुका है। सूचना के बाद आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट केएन तिवारी, झांसी स्टेशन पोस्ट प्रभारी बिजेंद्र कुमार कनसवां अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो वहां भगदड़ मच गई। गोदाम का मालिक मौके पर नहीं मिला। इसके बाद आरपीएफ ने यहां सर्च किया तो भारी मात्रा में यहां सिग्नल केबल मिली। फिलहाल केबल को जब्त कर उसकी कीमत का आकलन किया जा रहा है। वहीं, इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी फरार हो गया।
दो ट्रक मंगवाने पड़े
आरपीएफ को जब रेलवे की केबल चोरी कर गोदाम में रखी होने की सूचना मिली तो उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि यहां भारी मात्रा में केबल मिलेगी। जब अधिकारियों ने पड़ताल की तो पाया कि कबाड़ के गोदाम में रेलवे की दो ट्रक केबल काटकर रखी गई थीं। इसके बाद आरपीएफ ने अपने ट्रक मौके पर मंगवाए और कबाड़ के गोदाम से बरामद माल को लेकर आरपीएफ थाने लाया गया।
यहां देर रात तक पकड़े गए माल की कीमत का आकलन किया जाता रहा। पोस्ट प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए माल की कीमत हालिया तौर पर 9 से 10 लाख मालूम पड़ती है। हालांकि, अभी इसका सही आकलन किया जा रहा है।

