Nine suspicious women arrested in Pt. Dhirendra Shastri’s Katha | पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में 9 संदिग्ध महिलाएं पकड़ाईं: पुलिस ने चोरी, लूट और चैन स्नेचिंग की घटना रोकने की जांच, संदिग्ध महिलाओं के पास आधार कार्ड भी नहीं मिले – durg-bhilai News
भिलाई के जयंती स्टेडियम में पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज की कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में पुलिस सुरक्षा इंतजाम में काफी कड़ी व्यवस्था रखी हुई है। चोरी, लूट और चैन स्नेचिंग की घटनाओ
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भिलाई नगर पुलिस ने संदिग्ध महिलाओं को किया गिरफ्तार।
25 से 29 दिसंबर तक आयोजित हो रही कथा भिलाई के जयंती स्टेडियम में 25 से 29 दिसंबर तक श्री हनुमंत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना भिलाई नगर पुलिस ने पंडाल के अंदर और आसपास लगातार पेट्रोलिंग एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। चेकिंग के दौरान कुछ बाहरी राज्यों के संदिग्ध व्यक्ति बिना किसी पास एवं पहचान पत्र के पाए गए।
कथा स्थल पर पुलिस ने जांच के दौरान इन्हें संदिग्ध पाया और थाने लेकर आए।
आधार कार्ड तक नहीं था संदिग्धों के पास पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर उक्त संदिग्धों के पास आधार कार्ड या अन्य कोई वैध आईडी प्रूफ नहीं पाया गया। सुरक्षा की दृष्टि से सभी को हिरासत में लेकर थाना लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के उपरांत पुलिस ने सभी संदिग्धों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करते हुए इस्तगासा तैयार कर एसडीएम न्यायालय में पेश किया।
इन राज्यों की महिलाओं को लिया हिरासत में पुलिस द्वारा जिन संदिग्धों पर कार्यवाही की गई उनमें कमसा मारमुत्तु नायडू, काजल नायडू, पूजा रजनी नायडू, रोषनी रजनी नायडू (निवासी नवापुर वाकीपाड, जिला नंदूरबार, महाराष्ट्र), सुमन इकरन, अनीता जाटव (जिला भरतपुर, राजस्थान), मोनी जाटव, गुड्डी जाटव (निवासी हरिनगर, पलवल, हरियाणा-पंजाब) एवं गौरी जाटव (निवासी चितौकरी, जिला भरतपुर, राजस्थान) शामिल हैं।
इधर अव्यवस्था से परेशान हो रहे श्रद्धालु इस पूरे कथा का आयोजन करने वाली सेवा समर्पण समिति की अव्यवस्था से श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंडाल छोटे लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं को सड़क पर बैठना पड़ रहा है। वहीं पास के हिसाब से एंट्री देने की व्यवस्था लागू कर दी गई है, लेकिन उसके बाद भी पर्याप्त गेट नहीं बनाए गए हैं, इसकी वजह से लंबी लाइन दिख रही है। पास लेने के बाद भी लोग सड़कों पर घंटों खड़े रहते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि पास बांटे गए, लेकिन आधे घंटे में भी जगह भर जा रहा है। जब उतनी बैठने की व्यवस्था नहीं थी, तो इतने पास क्यों बांटे गए? लोग वीवीआईपी पास लेकर भी अंदर नहीं जा सके।

