Himachal BJP President Slams Congress Over Law and Order Failure | हिमाचल BJP प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर साधा निशाना: डॉ. राजीव बिंदल बोले- गैंगवार ने कानून व्यवस्था की खोली पोल, व्यवस्था का पतन – Mandi (Himachal Pradesh) News
मीडिया से बात करते भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल।
मंडी में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने हिमाचल प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में विकास के बजाय बिगड़ती कानून व्यवस्था, अराजकता और बढ़ते कर्ज के नए कीर्ति
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डॉ. बिंदल के अनुसार, नालागढ़ में हुई गैंगवार की घटना ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि खुलेआम हथियारों का इस्तेमाल और गंडासियों से हमले जैसी घटनाएं प्रदेश में कानून के प्रति भय की कमी को दर्शाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन, कबाड़ माफिया और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की लूट में हिस्सेदारी को लेकर सरकारी पक्ष से जुड़े गुट आपस में संघर्ष कर रहे हैं।
प्रदेश में लगातार बढ़ रही गैंगवार की घटनाएं : बिंदल
डॉ. बिंदल ने नालागढ़ की घटना को एक अलग मामला मानने से इनकार किया। उन्होंने ऊना, बद्दी, सिरमौर और कांगड़ा के नूरपुर में हुई पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध, गोलाबारी और गैंगवार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने चंबा में एक दलित बालक की हत्या का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि सरकार इन घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन मुख्यमंत्री की छवि सुधारने के अभियान में व्यस्त हैं। पुलिस और अन्य विभागों का उपयोग कानून व्यवस्था सुधारने के बजाय राजनीतिक छवि चमकाने के लिए किया जा रहा है। डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से प्रदेश की जनता त्रस्त है, लेकिन सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।
व्यवस्था परिवर्तन नहीं, व्यवस्था पतन बताया
डॉ. बिंदल ने इस सरकार को ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के बजाय ‘व्यवस्था पतन’ का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है, जहां एचआरटीसी की बसें कम हो रही हैं और किराए बढ़ रहे हैं, जबकि लोगों को पर्याप्त बसें नहीं मिल रही हैं।
उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का भी उल्लेख किया, जिससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। उनके अनुसार, प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से चरमरा गया है।

