MPPSC issued wrong admit card | MPPSC ने गलत एडमिट कार्ड जारी किया: आयोग ने गलती स्वीकार की; 4 जनवरी को होगी असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा

MPPSC issued wrong admit card | MPPSC ने गलत एडमिट कार्ड जारी किया: आयोग ने गलती स्वीकार की; 4 जनवरी को होगी असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा


36 मिनट पहले

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मध्यप्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन यानी MPPSC ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को असिस्टेंट प्रोफेसर कंप्यूटर साइंस की परीक्षा में गलत एडमिट कार्ड जारी कर दिया। एडमिट कार्ड में दिए गए निर्देश में गड़बड़ी थीं, जिससे कैंडिडेट्स में भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई और वो MPPSC की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे। एडमिट कार्ड जारी करने के 1 घंटे बाद आयोग ने एडमिट कार्ड के विंडो लिंक को भी बंद कर दिया।

आयोग ने गलती स्वीकार की

फिर शनिवार को आयोग ने सूचना जारी कर एडमिट कार्ड में त्रुटि होने की बात स्वीकार की। लेकिन शनिवार शाम तक रिवाइज्ड एडमिट कार्ड दोबारा जारी नहीं किए। ऐसे में MPPSC एक बार फिर से अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है।

निर्देश में नेगेटिव मार्किंग का उल्लेख

दरअसल, शुक्रवार को जारी किए गए एडमिट कार्ड में परीक्षा पैटर्न को लेकर गलत जानकारी दी गई थी। एडमिट कार्ड के निर्देशों में नेगेटिव मार्किंग का उल्लेख किया गया था। इसमें लिखा था कि एक प्रश्न गलत होने पर एक अंक काटा जाएगा और सही उत्तर पर तीन अंक मिलेंगे। जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर कम्प्यूटर साइंस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का कोई प्रावधान नहीं है और प्रत्येक प्रश्न 4 मार्क्स का होता है।

आयोग के मैनेजमेंट को गलत एडमिट जारी होने का पता ही नहीं था। जब उम्मीदवारों ने हंगामा किया और मीडिया ने सवाल पूछे तो लिंक हटा दी।

4 जनवरी को होगी परीक्षा

असिस्टेंट प्रोफेसर कम्प्यूटर साइंस परीक्षा रविवार, 4 जनवरी 2026 को दो सत्रों में आयोजित की जानी है। परीक्षा में अब 1 हफ्ते की बचा है, ऐसे में एडमिट कार्ड को लेकर बनी अनिश्चितता से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है। इसके लिए संभावित परीक्षा शहर इंदौर बताया गया था। इसको लेकर भी उम्मीदवार परेशान हैं।

दोबारा डाउनलोड कर सकेंगे एडमिट कार्ड

MPPSC ने कहा कि एडमिट कार्ड के पॉइंट नंबर-3 में नेगेटिव मार्किंग का उल्लेख त्रुटिवश हो गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि दोबारा लिंक पब्लिश होने पर सभी कैंडिडेट्स रिवाइज्ड एडमिट कार्ड वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे। जिन्होंने पहले डाउनलोड कर लिए हैं वे भी दोबारा डाउनलोड कर पाएंगे।

सीनियर ऑफिसर प्रूफ रीड करता है डॉक्युमेंट्स

डॉक्यूमेंट को पब्लिश करने से पहले, सरकारी डॉक्यूमेंट हमेशा एक टाइपिस्ट द्वारा टाइप किए जाते थे। आजकल कंप्यूटर ऑपरेटर करते हैं लेकिन यह सिस्टम हमेशा से है कि डॉक्यूमेंट को पब्लिक करने से पहले सीनियर ऑफिसर द्वारा प्रूफ रीडिंग की जाती है। उसके बावजूद MPPSC ने भ्रामक जानकारी के साथ एडमिट कार्ड जारी किया।

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