Chhattisgarh Tragedies 2025 Analysis; Journalist Murder Naxal Encounter | Year End | 2025 में छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी घटनाएं: पत्रकार की हत्या, घोटाले में पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी; आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को मारा – Chhattisgarh News

Chhattisgarh Tragedies 2025 Analysis; Journalist Murder Naxal Encounter | Year End | 2025 में छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी घटनाएं: पत्रकार की हत्या, घोटाले में पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी; आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को मारा – Chhattisgarh News


विदाई की दहलीज पर खड़ा 2025 कई मायनों में यादगार रहा कभी उम्मीदों से भरा, तो कभी व्यवस्था को आईना दिखाने वाला। साल की शुरुआत ही पत्रकारिता जगत को झकझोर देने वाली घटना से हुई, वहीं सत्ता के गलियारों में इतिहास रचते हुए पहली बार प्रदेश में 15 मंत्री बन

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इस साल देश ने अब तक का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर देखा। ईयर-एंडर रिपोर्ट में 2025 की उन 10 बड़ी घटनाओं को पढ़िए जो राजनीतिक, प्रशासनिक और क्राइम की घटनाओं को समेटती हैं…

1. भ्रष्टाचार उजागर करने पर पत्रकार को मार डाला

1 जनवरी 2025 को हुई थी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या।

2025 की शुरुआत लोगों को झकझोर देने वाली घटना से हुई। 1 जनवरी 2025 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर (33) की हत्या कर दी गई थी। उनकी लाश सेप्टिक टैंक में छिपाई गई थी।

पत्रकार की हत्या एक सड़क निर्माण में हुए भ्रष्टाचार उजागर करने से हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। वहीं इस घटना के बाद देशभर में पत्रकार सुरक्षा और प्रेस की आजादी को लेकर भी सवाल किए गए।

2. प्रदेश में पहली बार किसी घोटाले में पूर्व मंत्री अरेस्ट

ED ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ( ​​​​​ED) ने 15 जनवरी 2025 को आबकारी मंत्री कवासी लखमा को गिरफ्तार किया था। ED ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की। इसके बाद 21 जनवरी को उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। तभी से वे रायपुर सेंट्रल में जेल में बंद हैं।

प्रदेश के इतिहास में यह पहली घटना थी जिसमें किसी घोटाले के मामले में पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी हुई हो। ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी।

3. जम्मू कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में रायपुर के कारोबारी की हत्या

आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को मारा।

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम के बैसारन वैली में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी हमलावरों ने पर्यटकों को निशाना बनाया। इस जघन्य हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी। जबकि कई घायल हुए।

आतंकियों ने धर्म और नाम पूछकर छत्तीसगढ़ की रायपुर में रहने वाले कारोबारी दिनेश मिरानिया को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हमले के वक्त उनके साथ पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता भी मौजूद थे। बता दें कि रायपुर की समता कॉलोनी में रहने वाले दिनेश मिरानिया अपनी शादी की सालगिरह मनाने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे।

4. हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में 14 मंत्री

दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब और अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने मंत्री पद की शपथ ली।

20 अगस्त 2025 को विष्णुदेव साय की सरकार तीन विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब और अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका राजभवन में तीनों विधायकों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

2023 विधानसभा चुनाव के 20 महीने बाद तीन नए मंत्रियों की शपथ के साथ ही प्रदेश का मंत्रिमंडल पूरा हुआ। हरियाणा की तर्ज पर राज्य में पहली बार अब 14 मंत्री बनाए गए। इससे पहले प्रदेश में 13 मंत्री ही होते आए हैं।

5. बस्तर में बाढ़ ने मचाई तबाही

दंतेवाड़ा में बाढ़ में घर पूरी तरह बर्बाद हो गए।

26 अगस्त, 2025 छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का दंतेवाड़ा जिला बाढ़ की चपेट में आया। इसमें 12 लोगों की मौत हुई थी। शहर और गांव पानी में डूब गए, पुल टूट गए, पूरे घर और सालों की मेहनत का सामान बह गया। जहां कभी हरी-भरी फसलें लहलहा रही थीं, वो खेत अब नदी की रेत में दबे गए थे। इस बाढ़ से 91 गांव प्रभावित हुए ।

इस बाढ़ में 29 सड़क और पुल-पुलियां टूट गए और इस आपदा में 56 करोड़ रुपए से ज्यादा के इन्फ्रास्ट्रक्चर का नुकसान हुआ है। भीषण बाढ़ के बाद प्रशासन की ओर से 26 राहत शिविर खोले गए जिनमें 788 मकानों की आंशिक क्षति दर्ज की गई।

6. जगदलपुर में 210 नक्सलियों ने डाले हथियार

17 अक्टूबर को 210 नक्सलियों का सबसे बड़ा सरेंडर। इस दौरान उन्हें संविधान की किताब और गुलाब भेंट किया गया।

नक्सल हिंसा से जूझ रहे बस्तर और छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा नक्सल सरेंडर 17 अक्टूबर को हुआ। जगदलपुर में एक साथ सक्रिय 210 नक्सलियों ने पुलिस लाइन में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने वालों में अबूझमाड़ से चर्चित नक्सली लीडर-प्रवक्ता रूपेश और कांकेर में सक्रिय लीडर राजू के साथ कई महिला-पुरुष नक्सली भी थे।

यह सरेंडर सीएम विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुणदेव गौतम, एडीजी विवेकानंद सिन्हा और आईजी सुंदरराज पी के सामने हुआ। इस दौरान आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को संविधान की किताब और गुलाब भेंट किया गया।

7. छत्तीसगढ़ को मिला नया विधानसभा भवन

1 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन का उद्घाटन किया था। इस नए विधानसभा सभा की नींव 28 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार के समय रखी गई थी।

51 एकड़ में बनी नई विधानसभा में 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है हालांकि सदन में 120 चेयर ही विधायकों के बैठने के लिए लगाई गई है। विधानसभा की आंतरिक साज सज्जा में बस्तर के कारीगरों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का प्रयोग किया गया है, जो स्थानीय कला को जीवंत बनाती हैं।

8. मोस्टवांटेड नक्सल कमांडर हिड़मा मारा गया

देश का सबसे खतरनाक नक्सली हिड़मा मारा गया।

18 नवंबर 2025 को देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर मारेडमिल्ली जंगल में एनकाउंटर में मारा गया। उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का और 4 अन्य नक्सली भी ढेर कर दिए गए थे।

गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षाबलों को हिड़मा को खत्म करने के लिए फोर्स को 30 नवंबर तक की डेडलाइन दी थी। इसके बाद आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित मारेडमिल्ली के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था।

9. पहली बार प्रदेश में DGP-IG कॉन्फ्रेंस

छत्तीसगढ़ में पहली बार DGP-IGP सम्मेलन हुआ।

28 से 30 नवंबर को रायपुर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की मौजूदगी में हुई यह कॉन्फ्रेंस नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में हुई।

इस कॉन्फ्रेंस में देश में पुलिसिंग का रोडमैप तैयार किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पुलिस अधिकारियों को आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए काम करने के निर्देश दिए।

10. कांकेर में आदिवासी और ईसाई समुदाय में हिंसक झड़प

धर्मांतरित व्यक्ति का शव दफनाने को लेकर कांकेर में हिंसा।

16 दिसंबर 2025 को कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव में शव दफनाने को लेकर आदिवासी और धर्मांतरित समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई। आदिवासी समाज के लोग ईसाइयों को डंडे मारकर भगा रहे थे। इसके जवाब में धर्मांतरित समुदाय के लोगों ने आदिवासी समाज के लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

इस गुस्साए आदिवासियों ने सरपंच के घर में तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद आदिवासी समाज के लोगों ने गांव के चर्च में आग लगा दी। ग्रामीण इसके बाद भी नहीं रुके। 3 हजार से ज्यादा की भीड़ आमाबेड़ा पहुंच गई। यहां भी दो चर्च को आग के हवाले कर दिया। भीड़ तीसरी चर्च को फूंकने आगे बढ़ रहे थे।

इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना में कई ग्रामीण, कवरेज कर रहे कुछ पत्रकार और ASP अंतागढ़ आशीष बंछोर समेत 20 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

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