Karnal Panchayat Scam: Village Members Accuse Secretary, Sarpanch of Fund Misuse, Probe Ordered | करनाल में ग्राम सचिव-सरपंच के खिलाफ पंच: खाली पन्नों पर हस्ताक्षर, फंड के दुरुपयोग के आरोप, CM ने दिए जांच के आदेश – Karnal News
ग्राम सचिव व सरपंच प्रतिनिधि पर आरोप लगाते पंच।
करनाल जिले में घरौंडा क्षेत्र के गुढा गांव की पढ़ी-लिखी पंचायत में ग्राम सचिव द्वारा खाली पन्नों पर हस्ताक्षर कराने और पंचायत फंड के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में गांव के पंचों ने सबूतों के साथ मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री और स्टेट
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इन वीडियो और दस्तावेजों को जांच में शामिल करने की मांग भी की गई है। शिकायत पर घरौंडा के बीडीपीओ कार्यालय में जांच चल रही है, जो फिलहाल धीमी गति से आगे बढ़ रही है। हाल ही में एसईपीओ ने शिकायतकर्ता पंचों के बयान दर्ज किए हैं। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों और सरपंच के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही पंचायत से जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन जांच होगी। जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री कृष्णलाल पंवार को शिकायत देते पंच व ग्रामीण।
तीन साल से पंचायत निधि की लूट का आरोप
गुढा गांव के शिकायतकर्ता पंच राजबीर, पंच सलीम, पंच प्रतिनिधि सतीश कुमार और प्रवीन कुमार ने आरोप लगाया है कि पिछले तीन साल से सरपंच प्रतिनिधि और ग्राम सचिव आपसी मिलीभगत से पंचायत निधि के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं। पंचों का कहना है कि पूरे कार्यकाल में पंचायत निधि का सही उपयोग नहीं हुआ और अधिकतर काम केवल कागजों में दिखाए गए।
उन्होंने मांग की, कि इस पंचायत के पूरे कार्यकाल के कार्रवाई रजिस्टर, वित्तीय रिकॉर्ड, बाउचर और फंड की विजिलेंस जांच कराई जाए। यदि दोष सिद्ध होता है, तो पंचायत सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पंचायत निधि की राशि का दुरुपयोग पाए जाने पर रिकवरी कर दोषी अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएं।
ग्राम सभा की बैठक तक नहीं
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आज तक गांव में एक भी ग्राम सभा की बैठक नहीं हुई। पंचों का कहना है कि सरपंच, कुछ पंचायत मैंबर और ग्राम सचिव मिलकर फर्जीवाड़ा कर पंचायत निधि की राशि हड़प रहे हैं। पंचों के अनुसार, कई बार उनसे बिना जानकारी दिए खाली पन्नों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए, जिनका बाद में गलत तरीके से उपयोग किया गया।
मंत्री के नाम पंचों द्वारा दी गई शिकायत की काॅपी।
महिला आरक्षण के बावजूद सरपंच की गैरहाजिरी
पंचों का कहना है कि सरकार ने महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देकर ग्राम पंचायत में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की थी। इसी के तहत गुढा गांव से सुनीता को सरपंच चुना गया। लेकिन आरोप है कि सरपंच सुनीता आज तक किसी भी मीटिंग या ग्राम सभा में शामिल नहीं हुईं। पंचायत का सारा काम सरपंच प्रतिनिधि अजय और सरपंच के ससुर महासिंह ही देखते हैं।
पंचों का कहना है कि सुनीता के सरपंच बनने के बाद वह बच्चों समेत करनाल में रहने लगीं। उनकी गैरहाजिरी में कभी उनके ससुर तो कभी उनके पति गांव आकर पंचायत से जुड़े काम निपटाते हैं।
सरपंच की मुहर और हस्ताक्षर का दुरुपयोग
पंचों का आरोप है कि गांव में कई ऐसे लोग हैं, जो सरपंच की मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर देते हैं। किसी ग्रामीण या बच्चे को जब किसी काम के लिए सरपंच की मुहर की जरूरत पड़ती है, तो उसे आसानी से उपलब्ध करा दी जाती है। इससे पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत की कॉपी।
भेदभावपूर्ण विकास के आरोप
वार्ड-4 के पंचायत मैंबर गुढा गांव के सलीम ने आरोप लगाया कि सरपंच गांव में भेदभावपूर्ण तरीके से विकास कार्य करवा रहे हैं। पंचायत बनने के बाद से आज तक ग्राम सभा की कोई बैठक नहीं हुई। सलीम का कहना है कि जो मेंबर सरपंच की हां में हां मिलाते हैं या खाली पन्नों पर हस्ताक्षर करते हैं, उन्हीं के वार्ड में काम होते हैं। पंचायत के गठन के तुरंत बाद ही सरपंच ने कोरम पूरा करने वाले मेंबरों को तवज्जो देनी शुरू कर दी थी।
गलियों से उखाड़ी गई स्ट्रीट लाइट
पंचों ने आरोप लगाया कि सरपंच प्रतिनिधि ने शपथ लेते ही कई वार्डों से स्ट्रीट लाइट के खंभे उखाड़ दिए और उन्हें दूसरी जगह लगा दिया। पूछने पर जवाब दिया गया कि जहां जरूरत ज्यादा थी, वहां लाइट लगाई गई है। पंचों का यह भी कहना है कि कब्रिस्तान और पशु अस्पताल की हजारों पुरानी ईंटें बेच दी गईं, जिसकी कोई जानकारी पंचायत मेंबरों को नहीं दी गई।
सीएम के नाम दी शिकायत की कॉपी।
बिना सहमति के कराए जा रहे काम
वार्ड-9 के पंच गुढा गांव के राजबीर का आरोप है कि गांव में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती। लोहे की बेंच निजी लोगों के घरों के सामने रख दी गईं, जबकि पंचायत मेंबरों से कोई सहमति नहीं ली गई। इसी तरह वाटर कूलर और कूलर लगाने से पहले भी उनसे परामर्श नहीं किया गया। सभी गलियों में पुरानी ईंटें लगाकर पंचायत फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है।
अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
वार्ड-3 से पंच प्रतिनिधि गुढा गांव के सतीश कुमार का कहना है कि सरपंच मनमानी करते हैं और ग्राम सचिव को घर पर हस्ताक्षर करवाने भेज देते हैं। उन्होंने कई बार ग्राम सचिव को घर पर हस्ताक्षर करवाने से मना किया, लेकिन इसके बावजूद यह सिलसिला चलता रहा। सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि पूरे तीन साल में पंचायत के पैसे को अधिकारियों की मिलीभगत से लूटा गया है।
सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह है कि सरपंच ने आज तक कोई बैठक नहीं ली। उनका दावा है कि सरपंच सुनीता कई पंचायत मेंबरों को पहचानती तक नहीं हैं।
ग्राम पंचायत की सरपंच के साथ सभी पंचों व सरपंच प्रतिनिधी की फोटो।
मेंबरों को दिए जाते हैं प्रलोभन
वार्ड-8 के पंच प्रतिनिधि गुढा गांव के प्रवीन कुमार ने आरोप लगाया कि सरपंच प्रतिनिधि अजय कई पंचायत मेंबरों को प्रलोभन देते रहते हैं। किसी को जोहड़ों से पानी निकालने का ठेका, किसी को सफाई का ठेका और किसी को जरूरत के समय पैसे देकर अपने पक्ष में रखा जाता है। प्रवीन कुमार का कहना है कि तीन साल में सरपंच ने कभी गांव के विकास को लेकर चर्चा नहीं की, लेकिन कागजों में ग्राम सचिव ने पूरी कार्यवाही दिखाई हुई है।
उन्होंने मांग की, कि इस ग्राम सचिव के अधीन आने वाली सभी ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।
इस जगह का ठेका बिना जानकारी के दिया गया।
बीडीपीओ कार्यालय में दर्ज हुए बयान
पंच सलीम, प्रवीन, सतीश और राजबीर ने बताया कि हाल ही में घरौंडा बीडीपीओ कार्यालय में मामले की जांच के दौरान उनके बयान दर्ज किए गए। बीडीपीओ की गैर मौजूदगी में एसईपीओ ने बयान दर्ज किए। पंचों का कहना है कि जो बयान उन्होंने शिकायत में दिए थे, वही बयान एसईपीओ के सामने भी दर्ज हुए हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सरकारी पैसे का किसी भी तरह से दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
जांच जारी, रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे
इस मामले में बीडीपीओ कार्यालय में तैनात एसईपीओ गौरव ने बताया कि गुढा गांव के कुछ पंचों ने ग्राम पंचायत और ग्राम सचिव के खिलाफ शिकायत दी है। मामले की जांच चल रही है। सभी पंचों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आने वाले दिनों में सरपंच और सरपंच प्रतिनिधि के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही पंचायत का पूरा रिकॉर्ड मंगवाकर जांच की जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

