UPA सरकार के 2 और कानून में बदलाव होगा:मनरेगा के बाद शिक्षा और खाद्य सुरक्षा अधिकार कानून में सुधार की तैयारी शुरू

UPA सरकार के 2 और कानून में बदलाव होगा:मनरेगा के बाद शिक्षा और खाद्य सुरक्षा अधिकार कानून में सुधार की तैयारी शुरू




केंद्र सरकार मनरेगा के बाद यूपीए सरकार के समय बने दो बड़े कानूनों शिक्षा का अधिकार और खाद्य सुरक्षा कानून में सुधार करने की तैयारी कर रही है। सरकार चाहती है कि इन योजनाओं का लाभ हर सही व्यक्ति तक पहुंचे और सभी लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन हो। सरकार पहले नियमों और आदेशों से सुधार करने की कोशिश करेगी। अगर इससे बात नहीं बनी, तो संसद में नए कानून (बिल) भी लाए जा सकते हैं। इसके अलावा सरकार यह भी सोच रही है कि लोगों को घर पाने के अधिकार को कानूनी अधिकार बनाया जाए। परामर्श प्रक्रिया से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मनमोहन सिंह सरकार के समय जो विकास से जुड़े अधिकार बनाए गए थे, उनमें 3 बड़ी कमियां थीं। उन कानूनों से न तो हर बच्चे को सही शिक्षा मिल पाई और न ही हर परिवार तक खाद्य सुरक्षा पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्देश है कि सभी लाभार्थियों का पूरा (100%) रजिस्ट्रेशन हो। योजनाओं का लाभ सही लोगों तक समय पर और सही तरीके से पहुंचना चाहिए। संसद के शीतकालीन सत्र में मनरेगा की जगह लाया गया VB-G Ram G बिल पास हुआ था।
सरकार 3 टारगेट लेकर बढ़ रही… सरकार ने इन योजनाओं की जांच करने पर पाया कि किसी चीज को कानूनी अधिकार बना देना और उसे जमीन पर सही तरीके से लागू करना, दोनों अलग बातें हैं। योजनाओं को लागू करने में जो कमियां आ रही हैं, उनकी वजह से सरकार के भरोसे पर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास इन पांच जरूरी क्षेत्रों को लेकर सरकार अब तीन अहम बातों को पक्का करना चाहती है। विपक्षी दलों ने VB–G Ram G का विरोध किया संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार मनरेगा की जगह विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी VB–G Ram G बिल लेकर आई थी। सत्र में ये बिल लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया था। इसके बाद राष्ट्रपति की परमिशन से ये कानून बना था। मनरेगा की जगह लाए गए इस कानून में से महात्मा गांधी का नाम हटाने का विपक्षी दलों ने विरोध किया था। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… जम्मू-कश्मीर को दो अलग राज्य बनाने की मांग, सज्जाद लोन बोले- कश्मीर को आतंकवादी बताने वाला रवैये मंजूर नहीं पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने जम्मू और कश्मीर को दो अलग राज्यों में बांटने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब दोनों क्षेत्रों के बीच सौहार्दपूर्ण अलगाव पर गंभीरता से विचार करने का समय आ गया है। पूरी खबर पढ़ें…



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