शिक्षकों के प्रमोशन में वरिष्ठता को किया दरकिनार:हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद प्रथम नियुक्ति तिथि का नियम दरकिनार, नाराज शिक्षकों ने घेरा DEO दफ्तर
बिलासपुर में शिक्षा विभाग के अफसरों ने नियमों को दरकिनार कर शिक्षकों को प्रमोशन दिया है। आरोप है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रथम नियुक्ति तिथि के नियम को दरकिनार कर जूनियर शिक्षकों को प्रमोट कर दिया गया है। इससे सीनियर शिक्षकों में आक्रोश है। नाराज शिक्षकों ने डीईओ ऑफिस का घेराव कर योग्य व अनुभवी शिक्षकों को पदोन्नति देने की मांग की है। दरअसल, बिल्हा ब्लॉक सहित जिले के अन्य ब्लॉक में हाल ही में सहायक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची जारी की गई, जिसके बाद उन्हें हेडमास्टर और मिडिल स्कूल टीचर के पदों पर प्रमोशन दिया गया है। शिक्षकों ने वर्ष 2025 की नई वरिष्ठता सूची का विरोध किया है। दूसरे जिलों से ट्रांसफर पर आए शिक्षकों को बनाया जूनियर
शिक्षकों का कहना है कि दूसरे जिलों से स्थानांतरण पर आए शिक्षकों की वरिष्ठता उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से तय होनी चाहिए। लेकिन विभाग कार्यभार ग्रहण करने की तिथि को आधार बना रहा है, जो पूरी तरह गलत है। पीड़ित शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि वे वर्ष 2005 से शिक्षाकर्मी के रूप में सेवा दे रहे हैं। स्थानांतरण के बाद उनकी पुरानी सेवा अवधि को नजरअंदाज कर उन्हें हजारों क्रमांक पीछे कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता तय करने दिया है आदेश
शिक्षकों का तर्क है कि हाईकोर्ट ने फरवरी और दिसंबर 2025 के अपने आदेशों में साफ कहा है कि स्थानांतरण के बावजूद वरिष्ठता प्रथम नियुक्ति तिथि को ही वरिष्ठता का आधार माना जाएगा। यही नहीं, जुलाई 2018 में हुए संविलियन में भी उनकी पिछली आठ वर्षों की सेवा को मान्यता भी दी थी। इसके बाद भी विभाग के अफसर हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर सीनियरिटी तय कर दिया है, जिसके चलते 20 से 25 साल पुराने शिक्षकों को वरिष्ठता का लाभ नहीं मिल रहा है।
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